Rapido की Ownly ने बेंगलुरु में रचा इतिहास! रोज़ाना 50,000 फूड ऑर्डर का आंकड़ा पार

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AuthorMehul Desai|Published at:
Rapido की Ownly ने बेंगलुरु में रचा इतिहास! रोज़ाना 50,000 फूड ऑर्डर का आंकड़ा पार

Rapido के फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Ownly ने बेंगलुरु में लॉन्च के सिर्फ 5 महीने के अंदर रोज़ाना **50,000** ऑर्डर का आंकड़ा पार कर लिया है। यह ज़ीरो-कमीशन मॉडल Zomato और Swiggy के दबदबे वाली मार्केट में एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है।

Ownly का ज़ीरो-कमीशन मॉडल लाया बम्पर ग्रोथ!

Rapido की फूड डिलीवरी सर्विस Ownly ने बेंगलुरु में तहलका मचा दिया है। लॉन्च के महज़ 5 महीने में ही रोज़ाना 50,000 फूड ऑर्डर का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह सफलता Ownly के ज़ीरो-कमीशन मॉडल पर आधारित है, जो भारतीय फूड डिलीवरी सेक्टर में क्रांति लाने की कोशिश कर रहा है। जहां Zomato और Swiggy जैसे बड़े प्लेयर्स हर ऑर्डर पर रेस्टोरेंट से कमीशन लेते हैं, वहीं Ownly एक फिक्स्ड फी या सब्सक्रिप्शन मॉडल अपना रहा है। इसका सीधा फायदा रेस्टोरेंट्स को हो रहा है, जो अपने मेन्यू प्राइस कम रख पा रहे हैं और बेहतर प्रॉफिट मार्जिन कमा पा रहे हैं।

रेस्टोरेंट्स का बढ़ रहा भरोसा

Ownly का यह अनूठा मॉडल स्थानीय रेस्टोरेंट चेन्स के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है। उदाहरण के तौर पर, Empire जैसे रेस्टोरेंट ने 2026 की शुरुआत से इस प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर में ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी है। कमीशन-आधारित मॉडल से मिली राहत के कारण Ownly उन ग्राहकों को भी आकर्षित कर रहा है जो कीमत के प्रति संवेदनशील हैं और उन रेस्टोरेंट्स को भी, जो दूसरे डिलीवरी ऐप्स के भारी कमीशन से परेशान थे।

बाज़ार में नई लहर और मुकाबला

भारतीय फूड डिलीवरी मार्केट, जो लंबे समय से Zomato और Swiggy के हाथों में रहा है, अब किफायती और वैल्यू-फॉर-मनी ऑप्शन्स की ओर बढ़ रहा है। इस बदलते परिदृश्य में, Zomato अपने 'Bistro' और Swiggy अपने 'Toing' जैसे नए प्रयोग कर रहे हैं। वहीं, Flipkart जैसी कंपनियां सरकारी ONDC (Open Network for Digital Commerce) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर इस रेस में कूदने की तैयारी में हैं। यह सब दिखाता है कि कंपनियां मार्केट को और बड़ा बनाने की कोशिश कर रही हैं।

भविष्य की राह और चुनौतियाँ

हालांकि, Ownly का ज़ीरो-कमीशन मॉडल कितना टिकाऊ है, यह एक बड़ा सवाल है। बिना परसेंटेज-आधारित कमीशन के बड़े पैमाने पर ग्रोथ हासिल करने के लिए शानदार ऑपरेशनल एफिशिएंसी की ज़रूरत होगी। प्लेटफॉर्म के सामने कड़ी प्रतिस्पर्धा है, जहां बड़े प्लेयर्स डिस्काउंट और लॉयल्टी प्रोग्राम्स पर भारी खर्च कर सकते हैं। इसके अलावा, डिलीवरी बिजनेस में ऑपरेशनल जोखिम भी काफी हैं, जैसे प्रॉफिटेबिलिटी के लिए हाई डिलीवरी डेंसिटी की ज़रूरत और सर्विस क्वालिटी व स्पीड बनाए रखने की लगातार चुनौती।

बाजार की प्रतिस्पर्धा के अलावा, Ownly को रेगुलेटरी और ऑपरेशनल जोखिमों का भी सामना करना पड़ेगा। गिग-इकोनॉमी मॉडल, जो बाइक-टैक्सी और डिलीवरी लॉजिस्टिक्स पर बहुत अधिक निर्भर करता है, पहले से ही कई भारतीय राज्यों में कानूनी और नियामक जांच के दायरे में है। डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा और काम करने की परिस्थितियों को लेकर भी चिंताएं बनी हुई हैं, जो सप्लाई चेन की स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं। Ownly को इन सभी चुनौतियों से पार पाते हुए, यूनिट इकोनॉमिक्स और रेगुलेटरी कंप्लायंस के साथ तालमेल बिठाना होगा, जो इसके भविष्य की सफलता तय करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.