RSM US Integrated Services ने बेंगलुरु में अपनी मौजूदगी को तीन गुना बढ़ा लिया है। कंपनी ने अब **1,54,000 वर्ग फुट** की जगह ली है, जो इस बात का संकेत है कि भारत में अब GCCs केवल बैक-ऑफिस काम तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये AI और एडवांस्ड कंसल्टिंग में कदम रख रहे हैं।
बेंगलुरु में कंपनी का विस्तार
RSM US Integrated Services ने बेंगलुरु के मान्यता टेक पार्क में 1,54,000 वर्ग फुट की नई जगह ली है। कंपनी की ग्रोथ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 3 साल में इनके कर्मचारियों की संख्या में 200% से ज्यादा का इजाफा हुआ है। यह विस्तार इस बात को साबित करता है कि भारत में मौजूद ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) अब सिर्फ डेटा एंट्री जैसे काम नहीं, बल्कि टैक्स एश्योरेंस और AI-ड्रिवन बिजनेस सॉल्यूशंस जैसे जटिल काम संभाल रहे हैं।
कमर्शियल रियल एस्टेट पर असर
निवेशकों के लिए GCCs की यह ग्रोथ कमर्शियल ऑफिस स्पेस की मांग का एक बड़ा इंडिकेटर है। मान्यता टेक पार्क जैसे प्रीमियम लोकेशन पर ऐसी कंपनियों का लंबे समय के लिए लीज एग्रीमेंट करना सीधे तौर पर लिस्टेड रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) के लिए अच्छे संकेत हैं। यह ग्रेड-ए ऑफिस स्पेस की स्थिरता को दर्शाता है, जिस पर बड़े पोर्टफोलियो वाले निवेशक हमेशा नजर रखते हैं।
रिस्क और भविष्य की चुनौतियां
हालांकि ग्रोथ दिख रही है, लेकिन GCC मॉडल पूरी तरह जोखिम मुक्त नहीं है। इनकी कमाई सीधे तौर पर अमेरिकी बाजार की सेहत पर निर्भर करती है। यदि ग्लोबल इकोनॉमी में सुस्ती आती है, तो पैरेंट कंपनियां अपने खर्च घटाने के लिए हायरिंग फ्रीज कर सकती हैं। साथ ही, बेंगलुरु को अब हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो नई इंफ्रास्ट्रक्चर पॉलिसी के जरिए इन हाई-वैल्यू रोल्स को अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले समय में निवेशकों को इन कंपनियों के हायरिंग प्लान और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
