Blinkit, Zepto, Swiggy Instamart और BigBasket ने iPhone 18 Pro की 10-मिनट डिलीवरी शुरू कर दी है। हालांकि इसे लेकर बाजार में उत्साह है, लेकिन निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह रणनीति मुनाफा बढ़ाएगी या सिर्फ एक मार्केटिंग स्टंट साबित होगी।
भारत के प्रमुख क्विक-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने अब प्रीमियम इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में बड़ी एंट्री मारी है। Blinkit, Zepto, Swiggy Instamart और BigBasket जैसे प्लेटफॉर्म अब ग्राहकों को महज कुछ मिनटों में Apple iPhone 18 Pro और Pro Max की डिलीवरी दे रहे हैं। यह कदम ग्रोसरी डिलीवरी से आगे निकलकर हाई-वैल्यू रिटेल मार्केट पर कब्जा जमाने की एक कोशिश है।
ग्रोसरी से आगे बढ़ती कंपनियां
महंगे स्मार्टफोन्स की झटपट डिलीवरी क्विक-कॉमर्स के बिजनेस मॉडल में आए एक बड़े बदलाव को दर्शाती है। BigBasket ने जानकारी दी है कि लॉन्च के पहले एक घंटे में ही उन्होंने 300 से ज्यादा यूनिट्स बेच दिए, जिसमें बेंगलुरु और दिल्ली जैसे शहरों की डिमांड सबसे अधिक रही। यह साफ है कि एक ऐसा कंज्यूमर वर्ग तैयार है जो लग्जरी सामान की इंस्टेंट डिलीवरी के लिए एक्स्ट्रा कीमत चुकाने को तैयार है।
मार्केट और ऑपरेशनल चुनौतियां
2026 की पहली छमाही के आंकड़ों के अनुसार, भारत का क्विक-कॉमर्स मार्केट लगभग US$9 बिलियन तक पहुंच गया है और मंथली एक्टिव यूजर्स 6 करोड़ के पार हो गए हैं। हालांकि, ग्रोसरी के मुकाबले इलेक्ट्रॉनिक्स का मामला पेचीदा है। नाजुक और महंगे सामान की हैंडलिंग में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट ज्यादा आती है, साथ ही चोरी, डैमेज और रिटर्न का जोखिम भी बना रहता है।
निवेशकों की चिंता
भले ही आईफोन की डिलीवरी से कंपनियों को भारी पब्लिसिटी मिल रही हो, लेकिन निवेशक अभी भी सतर्क हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि स्मार्टफोन की बिक्री फिलहाल कुल वॉल्यूम का एक छोटा हिस्सा है और यह केवल एक मार्केटिंग टूल की तरह इस्तेमाल हो रहा है। कंपनियों के लिए चुनौती यह है कि क्या वे बिना कैपिटल ब्लॉक किए और मार्जिन को बचाए रखते हुए इस कैटेगरी को प्रॉफिटेबल बना पाएंगी। अब देखना यह है कि क्या यह हाई-वैल्यू एक्सपेंशन कंपनी के बॉटम लाइन को मजबूत करेगा या केवल ऑपरेशनल जटिलताएं बढ़ाएगा।
