Quess Corp: AI की डिमांड से IT हायरिंग में उछाल, Q2 में बढ़ेगी भर्तियां

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AuthorNeha Patil|Published at:
Quess Corp: AI की डिमांड से IT हायरिंग में उछाल, Q2 में बढ़ेगी भर्तियां

Quess Corp को उम्मीद है कि ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) की AI और क्लाउड में बढ़ती इन्वेस्टमेंट के चलते दूसरी तिमाही में IT हायरिंग में तेजी आएगी। बड़े IT सर्विस फर्म भले ही सतर्क हों, कंपनी ने जून तिमाही में अपने प्रोफेशनल स्टाफिंग सेगमेंट में 9% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है।

AI और क्लाउड की बढ़ती डिमांड

Quess Corp को उम्मीद है कि 2027 के फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में स्पेशलाइज्ड टेक्नोलॉजी रोल्स के लिए हायरिंग का माहौल मजबूत होगा। कंपनी के ग्रुप सीईओ लोहित भाटिया के मुताबिक, एंटरप्राइजेज, खासकर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) इंफ्रास्ट्रक्चर में अपना इन्वेस्टमेंट बढ़ा रहे हैं। यही इस बदलाव की मुख्य वजह है।

GCCs की वजह से स्टाफिंग में ग्रोथ

Quess Corp का प्रोफेशनल स्टाफिंग बिजनेस बड़ी IT सर्विस फर्मों की अस्थिरता से कम प्रभावित होता है। ये फर्म क्लाइंट्स की ओर से मिले-जुले खर्च के कारण नई हायरिंग को लेकर फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसके बजाय, Quess Corp का बिजनेस GCCs और एंटरप्राइज IT डिपार्टमेंट्स पर ज्यादा फोकस करता है, जो फिलहाल इसके प्रोफेशनल स्टाफिंग रेवेन्यू का 68% हिस्सा बनाते हैं। यह बिजनेस मॉडल कंपनी को इंडिया-बेस्ड इनोवेशन सेंटर्स के विस्तार का फायदा उठाने में मदद करता है, जो ट्रेडिशनल IT सर्विस एक्सपोर्टर्स को प्रभावित करने वाले खर्च के चक्रों के प्रति कम संवेदनशील हैं।

जून 2026 में समाप्त हुई तिमाही में, प्रोफेशनल स्टाफिंग सेगमेंट ने ₹252 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया। यह पिछली तिमाही की तुलना में 9% अधिक है और पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 3% अधिक है। सेगमेंट के ऑपरेटिंग प्रॉफिट, यानी EBITDA में साल-दर-साल 12% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹28 करोड़ रहा। यह कंपनी की हाई-वैल्यू प्लेसमेंट ऑपरेशंस में बेहतर एफिशिएंसी को दर्शाता है।

स्पेशलाइज्ड स्किल्स की कमी और हायरिंग पाइपलाइन

टैलेंट की डिमांड अब सामान्य सॉफ्टवेयर रोल्स के बजाय खास यानी निश (Niche) एरिया में ज्यादा केंद्रित हो गई है। Quess Corp ने क्लाउड इंजीनियरिंग, साइबर सिक्योरिटी और एडवांस्ड AI जैसे क्षेत्रों में अनुभवी प्रोफेशनल्स की भारी कमी बताई है। फिलहाल, कंपनी इन स्पेशलाइज्ड रोल्स के लिए 1,100 से अधिक ओपन मैंडेट्स मैनेज कर रही है। टेक्नोलॉजी हायरिंग का कुल ऑर्डर बुक लगभग 2,000 पोजीशंस का है, जिसमें कॉन्ट्रैक्ट और परमानेंट स्टाफिंग दोनों शामिल हैं।

हालांकि कंपनी Q2 को लेकर उत्साहित है, इस ट्रेंड की निरंतरता इस बात पर निर्भर करेगी कि ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन्स कितनी तेजी से अपने इंडियन ऑपरेशंस को बढ़ाती हैं। इन्वेस्टर्स कंपनी की इन हाई-वैल्यू पोजीशंस को भरने की क्षमता पर नजर रख सकते हैं, क्योंकि टैलेंट की कमी की वजह से स्किल्ड वर्कर्स को एक्वायर करने की लागत बढ़ सकती है। इसके अलावा, हालांकि कंपनी का ट्रेडिशनल IT सर्विस कंपनियों के साथ एक्सपोजर सीमित है (इसके प्रोफेशनल स्टाफिंग रेवेन्यू का केवल 10%), ग्लोबल टेक्नोलॉजी खर्च में कोई भी व्यापक मंदी अंततः GCCs की ग्रोथ योजनाओं को प्रभावित कर सकती है, जो भविष्य की रेवेन्यू स्टेबिलिटी के लिए एक महत्वपूर्ण मॉनिटरेबल बना हुआ है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.