Delaware की एक जूरी ने अपने फैसले में Arm Holdings को Qualcomm के साथ लाइसेंस एग्रीमेंट के उल्लंघन का दोषी पाया है। कोर्ट ने माना कि Arm ने जानबूझकर Qualcomm के बिजनेस को बाधित करने की कोशिश की, जिसके बाद Qualcomm का शेयर **2.5%** उछल गया, जबकि Arm के शेयरों में **2%** की गिरावट देखी गई।
कानूनी जीत और फैसले के मायने
13 अक्टूबर, 2026 को Delaware की अदालत ने चिप इंडस्ट्री की दो दिग्गज कंपनियों के बीच जारी हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाई में अपना फैसला सुनाया। हालांकि कोर्ट ने केवल $2 का नाममात्र हर्जाना (nominal damages) देने का आदेश दिया है, लेकिन कानूनी रूप से यह Qualcomm के लिए एक बड़ी जीत है। कोर्ट ने साफ माना है कि Arm ने आर्किटेक्चरल लाइसेंस एग्रीमेंट का उल्लंघन किया है।
Qualcomm ने आरोप लगाया था कि Arm ने जरूरी सॉफ्टवेयर पैच और चिप-टेस्टिंग टूल्स देने में आनाकानी की, प्राइसिंग स्ट्रक्चर का उल्लंघन किया और लाइसेंस टर्मिनेशन की धमकी भरे पत्र को मीडिया में लीक किया। Qualcomm का दावा है कि इन गतिविधियों के कारण कंपनी को Meta Platforms के साथ एक बड़े डील का नुकसान उठाना पड़ा।
बाजार की प्रतिक्रिया
इस खबर के बाद निवेशकों ने Qualcomm पर भरोसा जताया और शेयर 2.5% ऊपर बंद हुआ। दूसरी ओर, Arm Holdings के निवेशकों के बीच चिंता का माहौल रहा, जिससे कंपनी का शेयर 2% से अधिक फिसल गया।
भविष्य के रिस्क और चुनौतियां
यह विवाद यहीं खत्म नहीं होता। दोनों कंपनियों के बीच लाइसेंसिंग मॉडल और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी कंट्रोल को लेकर तनातनी अभी भी बनी हुई है। कोर्ट में अभी भी कुछ संबंधित मामले पेंडिंग हैं, जिसमें Arm के 'Good Faith' (सद्भावना) से बातचीत न करने का मुद्दा शामिल है। निवेशकों को आने वाले समय में इन दोनों फर्मों के बिजनेस संबंधों में उतार-चढ़ाव (volatility) देखने को मिल सकती है, जो भविष्य के फाइनेंशियल रिजल्ट्स को भी प्रभावित कर सकती है।
