ग्लोबल चिपमेकर Qualcomm नवंबर से दुनियाभर में छंटनी शुरू करने जा रहा है। कंपनी अपना फोकस स्मार्टफोन चिप्स से हटाकर AI और डेटा सेंटर्स की ओर शिफ्ट कर रही है, क्योंकि एप्पल से मिलने वाले रेवेन्यू में गिरावट का खतरा मंडरा रहा है।
बाजार में सुस्त परफॉर्मेंस
यह छंटनी ऐसे समय में हो रही है जब Qualcomm के शेयर बाजार में काफी सुस्त चल रहे हैं। साल 2026 में कंपनी के शेयरों में अब तक केवल 1.5% की बढ़त देखी गई है, जो कि मार्केट के अन्य दिग्गजों के मुकाबले बहुत कम है। तुलना के लिए, इसी दौरान S&P 500 में 12% से ज्यादा का उछाल आया है, जबकि सेमीकंडक्टर सेक्टर का बेंचमार्क इंडेक्स, Philadelphia Semiconductor Index, लगभग 60% तक ऊपर गया है।
AI की तरफ बड़ा दांव
फिलहाल Qualcomm अपनी कमाई के लिए स्मार्टफोन चिप्स और Apple के साथ साझेदारी पर बहुत ज्यादा निर्भर है। हालांकि, कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में Apple से मिलने वाला रेवेन्यू तेजी से गिरेगा। इसे मैनेज करने के लिए Qualcomm एक बड़ी रणनीति पर काम कर रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि 2027 के फाइनेंशियल ईयर तक उसकी कुल कमाई का बड़ा हिस्सा स्मार्टफोन से इतर (non-handset) सेक्टर से आए।
निवेशकों के लिए जोखिम
कंपनी ने पहले ही मुनाफे को लेकर कंजर्वेटिव गाइडेंस दिया है, जो संकेत देता है कि यह बदलाव का दौर काफी चुनौतीपूर्ण हो सकता है। डेटा सेंटर स्पेस में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मेमोरी की ऊंची लागत कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल रही है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कंपनी स्मार्टफोन सेक्टर के नुकसान की भरपाई नई बिजनेस लाइनों से उतनी तेजी से कर पाएगी? निवेशकों के लिए आने वाले समय में कंपनी के मार्जिन और ग्रोथ पर नजर रखना सबसे जरूरी होगा।
