QpiAI का बड़ा कदम: 2027 तक 10,000 क्वबिट का लक्ष्य, बेंगलुरु में क्वांटम फाउंड्री का दूसरा फेज शुरू

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AuthorNeha Patil|Published at:
QpiAI का बड़ा कदम: 2027 तक 10,000 क्वबिट का लक्ष्य, बेंगलुरु में क्वांटम फाउंड्री का दूसरा फेज शुरू

बेंगलुरु की क्वांटम कंप्यूटिंग स्टार्टअप QpiAI ने अपनी क्वांटम फाउंड्री के दूसरे फेज का उद्घाटन किया है। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक 10,000 क्वबिट तक पहुंचना है। यह वेंचर फंडिंग और सरकारी ग्रांट्स के सहारे क्वांटम कंप्यूटिंग में सर्विस-बेस्ड मॉडल अपना रही है।

क्वांटम कंप्यूटिंग में नया अध्याय

बेंगलुरु की प्राइवेट क्वांटम कंप्यूटिंग स्टार्टअप QpiAI ने अपनी क्वांटम फाउंड्री के दूसरे फेज का शुभारंभ कर दिया है। यह कदम कंपनी के क्वांटम प्रोसेसिंग यूनिट्स (QPUs) के निर्माण को बढ़ाने की योजना का अहम हिस्सा है। कंपनी का महत्वाकांक्षी लक्ष्य 2027 तक अपनी प्रोसेसिंग क्षमता को 10,000 फिजिकल क्वबिट तक ले जाना है, जो क्वांटम हार्डवेयर के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग होगी।

128 क्वबिट से 10,000 क्वबिट तक का सफर

मौजूदा सुविधा सुपरकंडक्टिंग प्रोसेसर बनाने में सक्षम है, जो 128 क्वबिट तक सपोर्ट करते हैं। 10,000 क्वबिट के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, QpiAI 3D चिप-स्टैकिंग तकनीक विकसित कर रही है। इस तकनीक में चिप्स को वर्टिकली लेयर किया जाता है, जो आधुनिक सेमीकंडक्टर निर्माण में डेंसिटी और परफॉरमेंस बढ़ाने का एक जाना-माना तरीका है।

क्वांटम कंप्यूटिंग-एज-ए-सर्विस (QCAS)

QpiAI सीधे फिजिकल प्रोसेसर बेचने के बजाय, क्वांटम कंप्यूटिंग-एज-ए-सर्विस (QCAS) मॉडल पर काम कर रही है। इस बिजनेस मॉडल के तहत, यह ग्राहकों जैसे रिसर्च ऑर्गनाइजेशन्स और बड़ी कंपनियों (Eli Lilly और Deloitte जैसी) को नेटवर्क के माध्यम से क्वांटम कंप्यूटिंग पावर एक्सेस करने की सुविधा देगी, ठीक वैसे ही जैसे आज क्लाउड कंप्यूटिंग काम करती है। कंपनी बेंगलुरु में 300,000 वर्ग फुट का एक क्वांटम सुप्रीमेसी सेंटर भी स्थापित करने की योजना बना रही है।

निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

यह जानना अहम है कि QpiAI एक प्राइवेट, वेंचर-बैक्ड कंपनी है और किसी भी स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है। इसलिए, इसके शेयर्स NSE या BSE पर खरीदे या बेचे नहीं जा सकते। कंपनी का विकास प्राइवेट इक्विटी पर निर्भर है, जिसने 2025 में Avataar Ventures और नेशनल क्वांटम मिशन के नेतृत्व में $32 मिलियन की सीरीज़ A फंडिंग हासिल की थी। कंपनी ने अब तक अपने जक्कूर फैसिलिटी में लगभग $50 मिलियन का निवेश किया है और भविष्य में और निवेश की योजना है।

डीप-टेक की चुनौतियां

क्वांटम कंप्यूटिंग का क्षेत्र हाई कैपिटल इंटेंसिव और लंबा रिसर्च साइकिल वाला है। हजारों क्वबिट वाले स्टेबल, एरर-करेक्टेड क्वांटम कंप्यूटर विकसित करना अभी भी दुनिया भर के लिए एक कठिन वैज्ञानिक चुनौती है। QpiAI की योजनाएं भले ही महत्वाकांक्षी हों, लेकिन सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी बड़ी स्केल पर कोहेरेंस बनाए रखने और एरर रेट कम करने जैसी तकनीकी बाधाओं को कितनी अच्छी तरह पार करती है। साथ ही, एक डीप-टेक स्टार्टअप होने के नाते, इसे रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) और फाउंड्री ऑपरेशन्स के लिए लगातार बड़े कैपिटल की आवश्यकता होगी।

आगे क्या?

भारत में डीप-टेक स्पेस पर नजर रखने वालों के लिए, QpiAI की प्रगति को ट्रैक करने के लिए मुख्य बिंदु होंगे: 3D स्टैकिंग तकनीक का सफल कार्यान्वयन, 10,000 क्वबिट के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए प्रोसेसर की स्थिरता, और इसके QCAS मॉडल के लिए एंटरप्राइज ग्राहकों को आकर्षित करने और बनाए रखने की क्षमता।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.