डीप-टेक स्टार्टअप QNu Labs ने हाल ही में मिली **₹200 करोड़** की फंडिंग के बाद अब वित्तीय वर्ष 2027 तक **₹80 करोड़** का रेवेन्यू टारगेट सेट किया है। कंपनी अपने 'QShield 2.0' प्लेटफॉर्म के जरिए क्वांटम कंप्यूटर से होने वाले खतरों से निपटने के लिए भारत और विदेशों में विस्तार कर रही है।
बड़े विस्तार की तैयारी
बेंगलुरु स्थित डीप-टेक स्टार्टअप QNu Labs अब तेजी से अपनी स्केल बढ़ाने की योजना बना रही है। सितंबर 2026 में मिली ₹200 करोड़ की Series A1 फंडिंग के बाद, कंपनी का कुल फंड ₹375 करोड़ तक पहुंच गया है। इस निवेश का इस्तेमाल क्वांटम सेंसिंग, AI रिसर्च और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पकड़ मजबूत करने के लिए किया जाएगा।
QShield 2.0 का महत्व
कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी के केंद्र में उनका 'QShield 2.0' प्लेटफॉर्म है। यह तकनीक 'Q-Day' यानी भविष्य के ताकतवर क्वांटम कंप्यूटरों से डेटा को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन की गई है। सरकार और बड़ी कंपनियों की बढ़ती जागरूकता के बीच, QNu Labs ऐसे सिक्योरिटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान कर रही है जहां डील का साइज ₹1 करोड़ से ₹2 करोड़ तक होता है।
राह में चुनौतियां
हालांकि कंपनी तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन डीप-टेक क्षेत्र में कुछ बड़ी अड़चनें भी हैं। बड़े एंटरप्राइजेज को साइबर सिक्योरिटी समाधान बेचने में 4 महीने तक का समय लग जाता है। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन लंबी सेल्स साइकिल को पूरा करने और ग्लोबल दिग्गजों के सामने अपनी तकनीक को साबित करने की है। इसके अलावा, पायलट प्रोजेक्ट्स से फुल-स्केल एडॉप्शन तक का सफर भी कंपनी की सफलता के लिए एक बड़ा टेस्ट होगा।
