साइबर सिक्योरिटी फर्म Protectt.ai ने AI सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म AIShield में बहुसंख्यक (majority) हिस्सेदारी खरीद ली है। इस अधिग्रहण का उद्देश्य मोबाइल सिक्योरिटी और AI थ्रेट डिटेक्शन को जोड़कर BFSI सेक्टर को सुरक्षित AI समाधान प्रदान करना है।
साइबर सिक्योरिटी कंपनी Protectt.ai Labs Private Limited ने Bosch Global Software Technologies के तहत विकसित AI सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म AIShield में अपनी बहुसंख्यक हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है। यह डील प्राइमरी कैपिटल इन्फ्यूजन और सेकेंडरी शेयर खरीद के जरिए हुई है। अब यह यूनिट AI Shield Private Limited के नाम से एक स्वतंत्र इकाई के तौर पर काम करेगी।\n\n### तकनीक का मेल और सुरक्षा\nइस अधिग्रहण की सबसे बड़ी वजह टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन है। AIShield के पास 40 से ज्यादा पेटेंट फाइलिंग और 11 ग्रांटेड पेटेंट फैमिलीज का मजबूत पोर्टफोलियो है। ये एसेट्स AI सिस्टम में आने वाली प्रॉम्प्ट इंजेक्शन जैसी खामियों को दूर करने के लिए बनाई गई हैं। अब Protectt.ai अपने मौजूदा मोबाइल सुरक्षा ढांचे के साथ इन AI सुरक्षा कवच को जोड़कर एक व्यापक सिक्योरिटी सूट तैयार करेगी।\n\n### BFSI सेक्टर के लिए क्यों अहम?\nबैंक और फाइनेंशियल संस्थान अपनी कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए AI अपना रहे हैं, लेकिन उन्हें डेटा सुरक्षा और सरकारी नियमों (Data Sovereignty) को लेकर काफी सावधानी बरतनी होती है। यह अधिग्रहण 'सॉवरेन AI' की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो बैंकों को अपना डेटा कंट्रोल में रखते हुए AI के उपयोग की आजादी देगा। कंपनी अब भारत, अमेरिका और यूएई में अपने मौजूदा क्लाइंट्स को ये सुविधाएं देने की तैयारी में है।\n\nहालांकि, इस मर्जर की सफलता काफी हद तक इसके सफल इंटीग्रेशन पर निर्भर करेगी। साइबर सिक्योरिटी मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, Protectt.ai को यह साबित करना होगा कि उसकी सॉवरेन AI तकनीक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कितनी कारगर है।
