ऑनलाइन भाषा सीखने का मंच Preply अब $1.2 अरब की वैल्यूएशन वाली Unicorn कंपनी बन गई है। हाल ही में कंपनी ने $150 मिलियन की सीरीज डी फंडिंग (Series D funding) जुटाई है। प्रीप्ली (Preply) फिलहाल EBITDA पॉजिटिव है, लेकिन यह अभी भी एक प्राइवेट कंपनी है।
Preply की Unicorn यात्रा
Preply, जो दुनिया भर में भाषा सिखाने का एक ऑनलाइन बाज़ार (marketplace) है, ने अपनी हालिया सीरीज डी फंडिंग (Series D funding) के बाद $1.2 अरब का वैल्यूएशन हासिल कर लिया है। यह एक बड़ी उपलब्धि है, क्योंकि 'यूनिकॉर्न' शब्द उन प्राइवेट कंपनियों के लिए इस्तेमाल होता है जिनका मूल्यांकन $1 अरब से ज़्यादा होता है। कई एडटेक (EdTech) कंपनियों के विपरीत, जिन्होंने हाल के वर्षों में भारी नुकसान झेला है, Preply ने बताया कि अपनी पिछली फंडिंग राउंड से पिछले 12 महीनों में वह EBITDA पॉजिटिव रही है।
प्राइवेट कंपनी का स्टेटस और मार्केट पोजिशन
वैश्विक एडटेक सेक्टर पर नज़र रखने वाले निवेशकों के लिए यह जानना ज़रूरी है कि Preply एक प्राइवेट कंपनी है। यह न तो नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और न ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड है, इसलिए रिटेल निवेशकों के लिए इसका कोई पब्लिक शेयर प्राइस (public share price) नहीं है। कंपनी एक बाज़ार के तौर पर काम करती है, जो 180 देशों में 100,000 से ज़्यादा ट्यूटर्स को सीखने वालों से जोड़ती है। इस मॉडल से कंपनी बिना ज़्यादा खर्च किए बड़े पैमाने पर विस्तार कर पाती है, क्योंकि इसे अपना कंटेंट बनाने या फुल-टाइम टीचर रखने की ज़रूरत नहीं होती। यह मूल रूप से इंडिपेंडेंट कॉन्ट्रैक्टर्स और छात्रों के बीच एक मध्यस्थ (intermediary) की तरह काम करती है।
प्रॉफिटेबिलिटी और बिज़नेस मॉडल
एडटेक स्पेस में EBITDA प्रॉफिटेबल होना एक अहम पैमाना है, जहाँ कई कंपनियां मार्केटिंग और कस्टमर एक्विजिशन पर ज़्यादा खर्च करने के लिए आलोचना झेल चुकी हैं। एक मार्केटप्लेस स्ट्रक्चर पर फोकस करके, Preply ने अपनी लागतों को पारंपरिक एडटेक प्लेटफॉर्म से अलग तरीके से मैनेज किया है, जो अपने कोर्स या करिकुलम बनाने पर निर्भर करते हैं। हालांकि, इस मॉडल के साथ अपने बिजनेस चैलेंज भी जुड़े हैं जिन पर निवेशक करीब से नज़र रखते हैं। इंडिपेंडेंट ट्यूटर्स के इतने बड़े और बिखरे हुए नेटवर्क में क्वालिटी कंट्रोल बनाए रखना, ताकि छात्रों को एक समान सीखने का अनुभव मिले, इसके लिए लगातार निगरानी की ज़रूरत होती है।
मुख्य ऑपरेशनल रिस्क
कंपनी ने वित्तीय विकास दिखाया है, लेकिन कई कारक इसके भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। पहला, एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवेन प्लेटफॉर्म होने के नाते, Preply को प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में लगातार निवेश करना होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेटेड ट्रांसलेशन टूल्स में प्रगति लगातार नवाचार (innovation) का दबाव बनाती है, क्योंकि कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसका ह्यूमन-ट्यूटर मॉडल ऐसा मूल्य प्रदान करे जिसे मुफ्त टेक्नोलॉजी से आसानी से बदला न जा सके।
दूसरा, कंपनी को खास जियोपॉलिटिकल जोखिमों (geopolitical risks) का सामना करना पड़ता है। Preply का एक बड़ा हिस्सा और वर्कफोर्स कीव, यूक्रेन में स्थित है। भले ही कंपनी ने काम करना जारी रखा है, लेकिन यह भौगोलिक एकाग्रता (geographic concentration) एक ऐसे क्षेत्र पर निर्भरता पैदा करती है जो लगातार अस्थिरता का सामना कर रहा है, जो बिजनेस की निरंतरता या प्रतिभा बनाए रखने को प्रभावित कर सकता है।
सेक्टर पर नज़र रखने वालों के लिए, सबसे महत्वपूर्ण अपडेट यह होंगे कि कंपनी अपने विस्तार के साथ लाभप्रदता (profitability) बनाए रखने में कितनी सफल होती है, वह अपने बड़े ट्यूटर नेटवर्क की गुणवत्ता को मैनेज करने में कितनी कामयाब रहती है, और अपनी सेवा में नई तकनीकों को एकीकृत करने में कितनी प्रगति करती है। व्यापक एडटेक स्पेस में निवेशक Preply को एक ऐसे मार्केटप्लेस मॉडल के उदाहरण के रूप में देख सकते हैं जिसने वित्तीय अनुशासन हासिल किया है, हालांकि कंपनी के प्राइवेट होने के कारण यह सार्वजनिक रूप से लिस्टेड फर्म की तरह पारदर्शिता (transparency) प्रदान नहीं करती है।
