पोलैंड के डिजिटल मामलों के मंत्रालय ने यूरोपीय आयोग (European Commission) से Meta Platforms पर €25 करोड़ (लगभग €250 मिलियन) का जुर्माना लगाने की मांग की है। साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT Polska की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि Meta ने रिपोर्ट किए गए करीब 87% फ्रॉड विज्ञापनों को नहीं हटाया, जिससे कंपनी की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
पोलैंड के डिजिटल मामलों के मंत्रालय ने 27 अगस्त, 2026 को यूरोपीय आयोग के सामने यह आधिकारिक मांग रखी है। यह कदम टेक दिग्गज और यूरोपीय नियामकों के बीच प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और विश्वसनीयता को लेकर बढ़ते तनाव को दर्शाता है।
क्यों उठा यह विवाद?
देश की साइबर सुरक्षा इकाई, CERT Polska ने Meta को कुल 122 फ्रॉड विज्ञापनों की जानकारी दी थी, लेकिन डेटा के अनुसार कंपनी इनमें से 106 विज्ञापनों पर कोई कार्रवाई करने में विफल रही। यानी कुल 87% घोटालेबाज विज्ञापन प्लेटफॉर्म पर सक्रिय बने रहे, जिसे लेकर पोलैंड सरकार अब सख्त रुख अपना रही है।
निवेशकों के लिए रेगुलेटरी जोखिम
निवेशकों को यह ध्यान में रखना होगा कि Meta अब Digital Services Act (DSA) के दायरे में है। इसके तहत यूरोपीय नियामक कंपनी के वैश्विक सालाना टर्नओवर का 6% तक जुर्माना लगा सकते हैं। यदि यह जांच आगे बढ़ती है, तो कंपनी को मॉडरेशन टेक्नोलॉजी और मानव समीक्षा टीमों पर भारी निवेश करना पड़ सकता है, जिससे सीधे मुनाफे पर असर पड़ेगा।
इसके अलावा, पोलैंड में रफाल ब्रज़ोस्का (Rafal Brzoska) जैसे उद्योगपतियों के साथ पहले भी कानूनी लड़ाइयां हो चुकी हैं, जो यह बताती हैं कि कंपनी के कंटेंट मॉडरेशन मॉडल पर बार-बार सवाल उठ रहे हैं।
लंबी अवधि की चुनौती
Meta पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर $130 अरब से ज्यादा का निवेश कर रही है। ऐसे में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई या विज्ञापन एल्गोरिदम में बदलाव कंपनी के मूल बिजनेस मॉडल को प्रभावित कर सकता है। अब सभी की निगाहें यूरोपीय आयोग के अगले फैसले पर टिकी हैं कि क्या यह मामला एक व्यापक जांच का आधार बनेगा।
