बेंगलुरु स्थित Pocket FM ने अपने **5.5 लाख** क्रिएटर्स के लिए 'Sherpa' AI पेश किया है। इसका उद्देश्य लंबी कहानियों में प्लॉट्स की निरंतरता बनाए रखना और कंटेंट प्रोडक्शन की रफ्तार बढ़ाना है। कंपनी का **70%** रेवेन्यू फिलहाल अमेरिका से आता है, जिसे देखते हुए यह कदम ग्लोबल मार्केट में पैठ मजबूत करने के लिए अहम माना जा रहा है।
AI से आसान होगी कहानी की बुनावट
Pocket FM ने अपनी ऑडियो स्टोरीटेलिंग प्रक्रिया को तेज करने के लिए 'Sherpa' नाम का एक AI-पावर्ड टूल लॉन्च किया है। यह टूल प्लेटफॉर्म पर मौजूद 5.5 लाख क्रिएटर्स को कैरेक्टर कंसिस्टेंसी और कहानी के प्रवाह को सैकड़ों एपिसोड्स तक बरकरार रखने में मदद करेगा। कंपनी के डेटा के अनुसार, इसके यूजर्स ऐप पर औसतन 155 मिनट प्रतिदिन बिताते हैं, जिसके लिए यह नया टूल एक बेहतर और निर्बाध अनुभव सुनिश्चित करेगा।
ग्लोबल विस्तार और रेवेन्यू मॉडल
कंपनी ने अपनी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को काफी तेजी से बढ़ाया है, जिसमें संयुक्त राज्य अमेरिका (US) का योगदान कुल रेवेन्यू का 70% है। डिजिटल ऑडियो स्पेस में किसी भी भाषा या संस्कृति के अनुकूल कंटेंट तैयार करना एक धीमी और महंगी प्रक्रिया होती है, लेकिन AI के माध्यम से लोकेलाइजेशन को आसान बनाकर कंपनी अपनी लागत कम करने और कंटेंट की उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सफलता के आंकड़े
प्लेटफॉर्म का कंटेंट मॉडल काफी प्रभावी साबित हो रहा है। इसके 96 सीरियल्स $1 मिलियन (लगभग ₹8.3 करोड़) से अधिक का रेवेन्यू पार कर चुके हैं, जबकि 13 सीरियल्स ने $10 मिलियन (लगभग ₹83 करोड़) से ज्यादा की कमाई की है। यह आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि कंपनी डिजिटल मीडिया की भीड़ में भी हाई-वैल्यू एंगेजमेंट हासिल करने में सफल रही है।
भविष्य की चुनौतियां
हालांकि, AI के साथ कंटेंट को स्केल करना अपनी चुनौतियां भी लाता है। बाजार के जानकारों का मानना है कि ऑटोमेशन पर अधिक निर्भरता कहीं क्रिएटिव क्वालिटी को प्रभावित न कर दे। साथ ही, कंपनी को उन बड़े ग्लोबल स्ट्रीमिंग दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है, जो पहले से ही ऑडियो और AI में निवेश कर रहे हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि Pocket FM किस तरह ऑटोमेशन और मानवीय रचनात्मकता के बीच संतुलन बनाए रखती है।
