स्पेस-टेक स्टार्टअप Pixxel ने अपने सैटेलाइट नेटवर्क को विस्तार देने के लिए **₹1,200 करोड़** के बड़े निवेश का ऐलान किया है। कंपनी **2030** तक **12** अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट्स तैनात करेगी और **2027** तक प्रॉफिटेबल होने का लक्ष्य रखा है।
विस्तार की योजना
स्पेस-टेक स्टार्टअप Pixxel ने अपना 'नेशनल अर्थ ऑब्जर्वेशन कॉन्स्टेलेशन' तैयार करने के लिए ₹1,200 करोड़ का भारी-भरकम निवेश करने की घोषणा की है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक कुल 12 सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में भेजने का है, जिसमें से 4 एडवांस सैटेलाइट्स 2028 तक लॉन्च किए जाएंगे। यह इंफ्रास्ट्रक्चर हाइपरस्पेक्ट्रल, ऑप्टिकल और रडार इमेजिंग के जरिए धरती की सतह का डेटा जुटाने में मदद करेगा।
फंडिंग और प्रॉफिटेबिलिटी
कंपनी आने वाले साढ़े तीन सालों में ₹700 करोड़ से ₹750 करोड़ का फंड खुद से जुटाने की योजना बना रही है। हाल ही में मिली $100 मिलियन की सीरीज-सी फंडिंग से कंपनी को प्रोडक्शन और लॉन्चिंग में रफ्तार मिलेगी। मैनेजमेंट का मानना है कि 2027 तक कंपनी प्रॉफिटेबल हो जाएगी, जबकि 2028 तक कैश फ्लो पॉजिटिव होने का अनुमान है। हैरानी की बात यह है कि कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग डिवीजन पहले से ही प्रॉफिट में है, जो इसके हार्डवेयर बिजनेस को एक मजबूती देता है।
निवेशकों के लिए रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को कंपनी के रेवेन्यू मिक्स पर नजर रखनी चाहिए। फिलहाल Pixxel की 75% कमाई सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स से आती है, जो भविष्य के लिए एक बड़ा रिस्क हो सकता है। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स में पेमेंट देरी या पॉलिसी में बदलाव का असर सीधे कंपनी के कैश फ्लो पर पड़ सकता है। हालांकि, कंपनी अब कमर्शियल क्लाइंट्स और इंटेलिजेंस डेटा प्रोडक्ट्स पर फोकस बढ़ाकर इस निर्भरता को कम करने की कोशिश कर रही है। स्पेस सेक्टर में मिशन में देरी या मैन्युफैक्चरिंग में बाधा आना एक सामान्य रिस्क है, जो कंपनी के लक्ष्यों को प्रभावित कर सकता है।
