PhysicsWallah Share Price: निवेशकों को मिली राहत! रेवेन्यू में 24% का उछाल, शेयर 9% भागा

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
PhysicsWallah Share Price: निवेशकों को मिली राहत! रेवेन्यू में 24% का उछाल, शेयर 9% भागा

PhysicsWallah के शेयरों में आज **9%** की जोरदार तेजी देखने को मिली। कंपनी ने फर्स्ट क्वार्टर (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए, जिसमें रेवेन्यू में **24.4%** का इजाफा हुआ और यह **₹1,053.95 करोड़** तक पहुंच गया। कंसॉलिडेटेड नेट लॉस घटकर **₹88.28 करोड़** रह गया, जबकि कंपनी ने **₹52 करोड़** का पॉजिटिव EBITDA भी दर्ज किया।

रेवेन्यू ग्रोथ ने बटोरी सुर्खियां

एजुकेशन टेक्नोलॉजी (EdTech) कंपनी PhysicsWallah ने हाल ही में फर्स्ट क्वार्टर (Q1 FY27) के अपने फाइनेंशियल नतीजे पेश किए हैं। नतीजों के आते ही कंपनी के शेयरों में करीब 9% का उछाल देखा गया। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 24.4% बढ़कर ₹1,053.95 करोड़ पर पहुंच गया।

घाटे में कमी और पॉजिटिव EBITDA

अच्छी बात यह रही कि कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस भी कम होकर ₹88.28 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में यह ₹127.01 करोड़ था। इसके अलावा, कंपनी ने ₹52 करोड़ का पॉजिटिव EBITDA (Earnings Before Interest, Taxes, Depreciation, and Amortization) भी दर्ज किया, जो कि 4.9% मार्जिन के साथ कंपनी के मुख्य बिजनेस ऑपरेशन्स की मजबूती को दिखाता है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन बिजनेस का प्रदर्शन

कंपनी के रेवेन्यू में यह बढ़त उसके ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों बिजनेस से आई है। ऑनलाइन रेवेन्यू 33.2% बढ़कर ₹548.79 करोड़ हो गया, वहीं ऑफलाइन रेवेन्यू 14.5% बढ़कर ₹489.90 करोड़ पर पहुंच गया।

परीक्षा चक्रों का असर और आगे की राह

हालांकि, कंपनी ने यह भी बताया कि फर्स्ट क्वार्टर में NEET-UG परीक्षा चक्र में देरी के कारण थोड़ी अस्थिरता देखी गई। मैनेजमेंट का कहना है कि इस देरी का असर Q1 के नतीजों पर पड़ा, लेकिन बाद के महीनों में नए एकेडमिक सेशन शुरू होने से एनरोलमेंट में तेजी आई है।

निवेशकों के लिए मुख्य बातें

निवेशक कंपनी के कैपिटल एलोकेशन पर बारीकी से नजर रख रहे हैं, क्योंकि ऑफलाइन सेंटरों के विस्तार में काफी निवेश की जरूरत होती है। इसके अलावा, कंपनी ₹192 करोड़ के एक लंबित टैक्स डिमांड अपील का भी सामना कर रही है, जिसका नतीजा आगे चलकर कंपनी के कैश रिजर्व पर असर डाल सकता है। मार्केट की नजर अब इस बात पर होगी कि कंपनी अपने ऑफलाइन विस्तार के खर्चों को कैसे मैनेज करती है और साथ ही ऑनलाइन बिजनेस में प्रॉफिटेबिलिटी कैसे बनाए रखती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.