एजटेक कंपनी PhysicsWallah ने सिविल सर्विसेज कोचिंग प्लेटफॉर्म Sarrthi IAS में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर **51%** कर ली है। इस नए अधिग्रहण के लिए **₹71.81 करोड़** खर्च किए गए हैं, जिससे Sarrthi IAS अब PhysicsWallah की सब्सिडियरी (Subsidiary) बन गई है। इस कदम से PhysicsWallah UPSC परीक्षा की तैयारी के बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करेगी।
UPSC कोचिंग में PhysicsWallah का बड़ा दांव
भारत के एडुटेक सेक्टर के बड़े खिलाड़ी, PhysicsWallah ने Guiding Light Education Technologies Private Limited (जो Sarrthi IAS के नाम से जानी जाती है) में ₹71.81 करोड़ का निवेश पक्का कर लिया है। 1,100 इक्विटी शेयर्स खरीदकर, PhysicsWallah ने अपनी हिस्सेदारी 40% से बढ़ाकर 51% कर ली है, जिससे कंपनी का कंट्रोल अब PhysicsWallah के हाथ में आ गया है।
Sarrthi IAS बनी PhysicsWallah की सब्सिडियरी
इस डील के साथ ही Sarrthi IAS अब PhysicsWallah की सब्सिडियरी (Subsidiary) बन गई है। शेयर खरीद समझौते में एक ऐड-ऑन (Addendum) भी शामिल है, जिसके तहत डील के दूसरे हिस्से के लिए वैल्यूएशन (Valuation) और कीमत को एडजस्ट किया गया है, हालांकि बाकी शर्तें पहले जैसी ही हैं। Sarrthi IAS मुख्य रूप से सिविल सर्विसेज और UPSC परीक्षाओं की तैयारी पर फोकस करती है, और इसी सेगमेंट में PhysicsWallah अपनी मौजूदगी को और मजबूत करना चाहती है।
Sarrthi IAS का तेजी से बढ़ा बिजनेस
जून 2023 में कंपनी के इनकॉर्पोरेट (Incorporate) होने के बाद से Sarrthi IAS ने बिजनेस में जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है। कंपनी का टर्नओवर (Turnover) 2023-24 के ₹1.04 करोड़ से बढ़कर 2025-26 तक ₹76.52 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह शानदार ग्रोथ शायद इस अधिग्रहण के वैल्यूएशन को तय करने में अहम रही होगी।
रिपोर्टिंग में विसंगति और मार्केट का नजरिया
हालांकि, ताजा फाइलिंग में Sarrthi IAS को सब्सिडियरी बताए जाने और कंपनी के पिछले रिकॉर्ड में विरोधाभास दिख रहा है। दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों के लिए जारी किए गए फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स (Financial Statements) में सितंबर 2025 तक ही कंट्रोल और सब्सिडियरी स्टेटस स्थापित होने का संकेत दिया गया था। नई रिपोर्टिंग में इस अंतर का कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है।
यह ट्रांजैक्शन (Transaction) एक आर्म्स लेंथ डील (Arm's Length Deal) के तौर पर क्लासिफाई (Classify) किया गया है, यानी यह स्वतंत्र पार्टियों के बीच हुई है। कंपनी ने कन्फर्म किया है कि यह निवेश इंडिपेंडेंट वैल्यूएशन (Independent Valuation) पर आधारित था और इसके लिए किसी सरकारी या रेगुलेटरी बॉडी (Regulatory Body) की मंजूरी की जरूरत नहीं पड़ी।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
एडुटेक सेक्टर पर नजर रखने वाले निवेशकों के लिए मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि PhysicsWallah, Sarrthi IAS को अपने मौजूदा ऑपरेशंस (Operations) में कितनी अच्छी तरह इंटीग्रेट (Integrate) करती है। यह देखना अहम होगा कि क्या Sarrthi IAS नए मैनेजमेंट के तहत अपनी तेज रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue Growth) को बनाए रख पाती है, और क्या मैनेजमेंट रिपोर्टिंग की टाइमलाइन (Timeline) की विसंगतियों को सुलझा पाता है। इसके अलावा, एडुटेक इंडस्ट्री में बदलते डिमांड पैटर्न (Demand Patterns) और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच, PhysicsWallah की विभिन्न सब्सिडियरीज में कैपिटल स्पेंडिंग (Capital Spending) को मैनेज करने की क्षमता, कंपनी की लॉन्ग-टर्म हेल्थ (Long-term Health) के लिए एक महत्वपूर्ण फैक्टर बनी रहेगी।
