Global Fintech Fest 2026 में PhonePe ने अपना 10-वर्षीय रोडमैप पेश किया है। कंपनी अब AI-आधारित क्रेडिट और इंटरनेशनल विस्तार पर फोकस कर रही है। हालांकि, फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी को **₹2,792 करोड़** का बड़ा नेट लॉस हुआ है, जिसे मुनाफे में बदलना सबसे बड़ी चुनौती है।
Global Fintech Fest 2026 में PhonePe ने अपने भविष्य के इरादे साफ कर दिए हैं। कंपनी अब केवल पेमेंट गेटवे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि फाइनेंशियल सर्विसेज की गहराई में उतरने की तैयारी कर रही है।
नई रणनीति के मुख्य स्तंभ (Strategic Pillars)
कंपनी अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए UPI 123Pay पर भारी निवेश कर रही है, जिससे बिना स्मार्टफोन और इंटरनेट के भी पेमेंट संभव हो सकेगा। अब तक 8 लाख से ज्यादा ऐसे डिवाइसेस बाजार में उतारे जा चुके हैं। इसके अलावा, कंपनी छोटे मर्चेंट्स को लोन देने के लिए AI का इस्तेमाल करेगी ताकि बिना सिबिल स्कोर वाले लोगों को भी क्रेडिट मिल सके। वहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनी ने UAE के सेंट्रल बैंक से लाइसेंस हासिल कर अपना दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है।
फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां
अगर आंकड़ों की बात करें, तो कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू ₹7,920 करोड़ रही है। लेकिन बड़ा निवेश और टेक्नोलॉजी सेटअप के खर्चों के कारण कंपनी को ₹2,792 करोड़ का नुकसान झेलना पड़ा है। मौजूदा दौर में PhonePe का पूरा जोर मार्केट शेयर कैप्चर करने पर है, लेकिन लंबी अवधि में निवेशकों की नजर इस बात पर है कि यह कंपनी डेटा को मुनाफे में कब तक बदल पाती है।
रेगुलेटरी रिस्क और आगे की राह
fintech सेक्टर के लिए RBI की गाइडलाइन्स हमेशा से सबसे अहम रही हैं। हालिया समय में पेमेंट कैटेगरी और इंसेंटिव स्ट्रक्चर में बदलावों ने इंडस्ट्री को प्रभावित किया है। साथ ही, बैंकिंग ऐप्स से मिल रही कड़ी टक्कर और RBI की नीतियों में कोई भी बदलाव कंपनी के ग्रोथ पाथ को प्रभावित कर सकता है। हालांकि कंपनी ने IPO के लिए इंटरनल मंजूरी ले ली है, लेकिन लिस्टिंग की तारीख अभी तक तय नहीं की गई है।
