Phia के को-फाउंडर्स 'कुकी स्टफिंग' पर झूठ बोल रहे थे? महीनों से थी जानकारी, अब झेल रहे हैं नतीजे

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Phia के को-फाउंडर्स 'कुकी स्टफिंग' पर झूठ बोल रहे थे? महीनों से थी जानकारी, अब झेल रहे हैं नतीजे

ऑनलाइन रिटेल स्टार्टअप Phia की सह-संस्थापकों Phoebe Gates और Sophia Kianni पर बड़ा आरोप लगा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वे 'कुकी स्टफिंग' की विवादास्पद प्रैक्टिस के बारे में महीनों से जानते थे, जबकि कंपनी इसे पहले एक 'टेक्निकल गड़बड़ी' बता रही थी। इस खुलासे के बाद कंपनी को बड़े एफिलिएट मार्केटिंग नेटवर्क्स से सस्पेंड कर दिया गया है।

Phia की 'कुकी स्टफिंग' पर बड़ा खुलासा!

ऑनलाइन शॉपिंग स्टार्टअप Phia, जो अपने आक्रामक ऑनलाइन रिटेल तरीके के लिए चर्चा में रहा है, अब एक नए विवाद में फंस गया है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी की सह-संस्थापक Phoebe Gates और Sophia Kianni को 'कुकी स्टफिंग' की विवादास्पद प्रैक्टिस के बारे में कई महीनों से पता था। यह जानकारी कंपनी के पहले दिए गए बयानों के बिल्कुल उलट है, जिसमें इसे एक अनजाने में हुई 'टेक्निकल गड़बड़ी' बताया गया था।

क्या है 'कुकी स्टफिंग' का खेल?

'कुकी स्टफिंग' ऑनलाइन एडवरटाइजिंग की दुनिया में एक धोखेबाज़ तरीका है। इसमें कोई ऐप या वेबसाइट, यूजर के ब्राउज़र में चुपके से एफिलिएट ट्रैकिंग कोड्स को ट्रिगर कर देती है। इस तरह, वह प्लेटफॉर्म उस एफिलिएट सेल का क्रेडिट ले लेता है, जिसे उसने असल में जनरेट नहीं किया होता। यह असल में उन असली पब्लिशर्स या इंफ्लुएंसर्स से कमीशन रेवेन्यू चुराने जैसा है, जिन्होंने ग्राहक को रेफर किया हो।

निवेशकों के लिए बड़ा झटका

यह डेवलपमेंट निवेशकों और जानकारों के लिए एक बड़ा गवर्नेंस रिस्क (Governance Risk) बताता है। लीक हुए इंटरनल कम्युनिकेशन से पता चलता है कि 'कुकी स्टफिंग' की क्षमता एक खराबी नहीं, बल्कि एक प्लांट फीचर थी, जिसे कंपनी की टीम कंट्रोल कर सकती थी। इस खुलासे के गंभीर नतीजे सामने आए हैं, जिसमें कंपनी को Impact.com जैसे बड़े एफिलिएट नेटवर्क्स से सस्पेंड कर दिया गया है, जो इसके रेवेन्यू मॉडल के लिए बेहद ज़रूरी हैं।

Phia एक प्राइवेट कंपनी

यह जानना ज़रूरी है कि Phia एक प्राइवेट, वेंचर-बैक कंपनी है और किसी भी स्टॉक एक्सचेंज जैसे NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। इस प्राइवेट कंपनी ने अब तक लगभग $43.5 मिलियन की फंडिंग जुटाई है। लेकिन, मौजूदा विवाद स्टार्टअप गवर्नेंस से जुड़े रिस्क और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए आक्रामक बिजनेस मॉडल पर निर्भरता की एक बड़ी याद दिलाता है।

भविष्य की राह?

इन घटनाओं का व्यापक असर यह है कि रिटेल पार्टनर्स का भरोसा डगमगा गया है, जिनमें से कई कथित तौर पर इस बात से अनजान थे कि उनके ब्रांड्स को प्लेटफॉर्म पर इस तरह लिस्ट किया जा रहा था। एफिलिएट लिंक्स के सस्पेंशन से होने वाले तत्काल रेवेन्यू लॉस के अलावा, अब कंपनी को अपने बिजनेस पार्टनर्स और यूजर बेस दोनों के साथ अपनी प्रतिष्ठा को सुधारने की चुनौती का सामना करना पड़ेगा। भविष्य के डेवलपमेंट इस बात पर निर्भर करेंगे कि कंपनी इन आरोपों से कैसे निपटती है और क्या वह बड़े रिटेलर्स और एफिलिएट नेटवर्क्स के साथ अपने रिश्तों को लंबे समय तक बनाए रख पाती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.