Persistent Systems: रेवेन्यू में **20%** की जोरदार उछाल, Nagarro अधिग्रहण के करीब पहुंची कंपनी

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Persistent Systems: रेवेन्यू में **20%** की जोरदार उछाल, Nagarro अधिग्रहण के करीब पहुंची कंपनी

Persistent Systems के सितंबर तिमाही के नतीजे बेहद शानदार रहे हैं। कंपनी ने **$487.6 मिलियन** का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो सालाना आधार पर **20%** की बढ़त दर्शाता है। अब निवेशकों की नजर कंपनी के **$1.3 बिलियन** वाले Nagarro अधिग्रहण और **$450 मिलियन** के फंड जुटाने की योजना पर टिकी है।

मुनाफे और बिजनेस का गणित

सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी का प्रदर्शन काफी स्थिर रहा है। परिचालन मुनाफा (Operating profit margins) 15% पर स्थिर बना हुआ है। कंपनी का मुख्य फोकस अब जर्मनी की सॉफ्टवेयर फर्म Nagarro के अधिग्रहण पर है, जिसके लिए कंपनी ने पहले ही 94.04% शेयर और वोटिंग अधिकार हासिल कर लिए हैं। इस डील के पूरा होने के बाद, Persistent Systems ग्लोबल इंजीनियरिंग सर्विसेज मार्केट में एक $2.9 बिलियन की बड़ी ताकत बनकर उभरेगी।

रिस्क और चुनौतियां

इस बड़े अधिग्रहण के लिए कंपनी $450 मिलियन इक्विटी के जरिए और कुल $1.2 बिलियन का फंड पैकेज (डेट और इक्विटी) जुटाने की तैयारी में है। हालांकि, शेयरधारकों के लिए सबसे बड़ा सवाल इक्विटी डाइल्यूशन और कर्ज चुकाने के बोझ को लेकर है। इसके अलावा, दो बड़ी कंपनियों के कल्चर, टेक्नोलॉजी और वर्कफ्लो को जोड़ना (Integration) एक बड़ी चुनौती है। अगर इसमें कोई देरी होती है, तो प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

डिमांड की स्थिति

अधिग्रहण की आपाधापी के बावजूद कंपनी का कोर बिजनेस मजबूत बना हुआ है। तिमाही के दौरान कंपनी ने $633.5 मिलियन का टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू और $481 मिलियन का एनुअल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू हासिल किया है। क्लाउड-नेटिव माइग्रेशन और AI एजेंट्स जैसे प्रोजेक्ट्स में भारी डिमांड बनी हुई है, जो यह साबित करती है कि कंपनी की ऑर्डर बुक अभी भी बहुत मजबूत है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.