Persistent Systems: कैंपस हायरिंग पर रोक! मार्जिन सुधारने के लिए कंपनी का बड़ा फैसला

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AuthorMehul Desai|Published at:
Persistent Systems: कैंपस हायरिंग पर रोक! मार्जिन सुधारने के लिए कंपनी का बड़ा फैसला

Persistent Systems ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए कैंपस हायरिंग को पूरी तरह से रोकने का फैसला किया है। कंपनी का लक्ष्य लेटरल हायरिंग पर ध्यान केंद्रित कर अपनी एफिशिएंसी बढ़ाना है। IT फर्म ने जून तिमाही में **13.7%** सालाना मुनाफा बढ़त दर्ज की, लेकिन मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। कंपनी ग्राहकों के खर्चीले रवैये के बीच अपने अपकमिंग अधिग्रहण, Nagarro को मैनेज करने की कोशिश कर रही है।

क्यों रोका कैंपस हायरिंग?

Persistent Systems ने इस फाइनेंशियल ईयर के लिए अपनी वर्कफोर्स स्ट्रेटेजी में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने FY27 के लिए कैंपस से हायरिंग न करने का निर्णय लिया है और इसके बजाय पूरी तरह से लेटरल (अनुभवी) हायरिंग पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह फैसला कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों के बाद आया है, जहां मैनेजमेंट ने कर्मचारी यूटिलाइजेशन लेवल (employee utilization levels) को बेहतर बनाने और डिमांड में आई नरमी के बीच प्रॉफिट मार्जिन (profit margins) को सुरक्षित रखने की ज़रूरत पर जोर दिया था।

यूटिलाइजेशन रेट में गिरावट

जून 2026 तिमाही के अंत में, कंपनी की कर्मचारी यूटिलाइजेशन रेट 86.5% तक गिर गई थी, जो पिछली तिमाही में 88% थी। फ्रेश ग्रेजुएट्स की एंट्री पर रोक लगाकर और अनुभवी प्रोफेशनल्स को हायर करने पर फोकस करके, फर्म का लक्ष्य अपनी स्टाफिंग लेवल्स को तत्काल प्रोजेक्ट की ज़रूरतों के साथ बेहतर ढंग से अलाइन करना है। EBIT मार्जिन तिमाही के लिए 16% पर रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 30 बेसिस पॉइंट की गिरावट को दर्शाता है।

रिकॉर्ड डील विन्स, पर मुनाफे में गिरावट

मार्जिन पर दबाव के बावजूद, Persistent Systems ने अपने अब तक के सबसे बड़े तिमाही डील विन्स (deal wins) दर्ज किए। कंपनी ने FY27 की पहली तिमाही के लिए $1.15 बिलियन के टोटल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) की रिपोर्ट दी। नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.7% बढ़कर ₹483 करोड़ हो गया। हालांकि, इस अवधि के दौरान फॉरेन एक्सचेंज लॉसेस (foreign exchange losses) के कारण मुनाफे में 8.7% की तिमाही गिरावट देखी गई।

Nagarro अधिग्रहण और आगे की चुनौतियाँ

आगे देखते हुए, कंपनी जर्मन डिजिटल इंजीनियरिंग फर्म Nagarro के अधिग्रहण के साथ आगे बढ़ रही है। इस ट्रांज़ैक्शन को सपोर्ट करने के लिए कंपनी ने EUR 1.4 बिलियन का ब्रिज लोन (bridge loan) सुरक्षित कर लिया है। Nagarro का इंटीग्रेशन फर्म के लिए एक प्रमुख फोकस बना हुआ है, क्योंकि इसका लक्ष्य अपने यूरोपीय फुटप्रिंट को बढ़ाना और AI-केंद्रित क्षमताओं का विस्तार करना है। इस कॉम्बिनेशन का सफल एग्जीक्यूशन महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि बड़े एंटिटीज को इंटीग्रेट करने में अक्सर ऑपरेशनल कॉम्प्लेक्सिटीज (operational complexities) आती हैं।

आने वाली तिमाहियों में कंपनी को मार्जिन हेडविंड्स (margin headwinds) का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें दूसरी तिमाही से शुरू होने वाले वेज हाइक्स (wage hikes) का अनुमानित 180 से 200 बेसिस पॉइंट प्रभाव शामिल है। इसके अलावा, क्लाइंट्स डिस्क्रीशनरी टेक्नोलॉजी स्पेंडिंग (discretionary technology spending) को लेकर सावधानी बरत रहे हैं, और वे अक्सर प्रोजेक्ट स्पेंड्स को बढ़ाने के बजाय मौजूदा बजट को रीएलोकेट कर रहे हैं। आने वाले महीनों में ट्रैक करने वाले प्रमुख फैक्टर Nagarro इंटीग्रेशन की सफलता, प्रॉफिट मार्जिन का स्थिरीकरण, और क्या लेटरल हायर को प्राथमिकता देने की रणनीति कंपनी को उसके यूटिलाइजेशन रेट्स को बेहतर बनाने में प्रभावी ढंग से मदद करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.