Pegasystems का बड़ा कदम: AI बिलिंग मॉडल में बदलाव, ग्राहकों को मिलेगी ₹90% तक की छूट!

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AuthorNeha Patil|Published at:
Pegasystems का बड़ा कदम: AI बिलिंग मॉडल में बदलाव, ग्राहकों को मिलेगी ₹90% तक की छूट!

Pegasystems ने AI बिलिंग के 'पर-टोकन' मॉडल को अलविदा कह दिया है। अब कंपनी 'आउटकम-बेस्ड' प्राइसिंग पर फोकस करेगी, जिससे ग्राहकों का AI खर्च **90%** तक कम हो सकता है। भारत में कंपनी की आधी से ज्यादा डेवलपमेंट टीम है, और यह नई रणनीति ग्राहकों के रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट (ROI) को बढ़ाने पर केंद्रित है।

'पर-टोकन' मॉडल से मिलेगी राहत

Pegasystems, जो एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर की एक बड़ी कंपनी है, अपने AI सेवाओं के चार्ज करने के तरीके में बड़ा बदलाव कर रही है। अब कंपनी इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड 'पर-टोकन' प्राइसिंग मॉडल से हटकर 'आउटकम-बेस्ड' (परिणाम-आधारित) स्ट्रक्चर अपनाने जा रही है। यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि कॉर्पोरेट ग्राहक अब सिर्फ शुरुआती AI पायलट प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर असली फाइनेंशियल रिटर्न और बजट की निश्चितता को प्राथमिकता दे रहे हैं।

कई सॉफ्टवेयर कंपनियां अभी AI मॉडल द्वारा प्रोसेस किए गए टेक्स्ट के टुकड़ों यानी 'टोकन' की संख्या के आधार पर ग्राहकों से चार्ज करती हैं। Pegasystems का तर्क है कि जैसे-जैसे AI का इस्तेमाल बढ़ता है, यह मॉडल महंगा और मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। कंपनी अपने 'ब्लूप्रिंट' प्लेटफॉर्म के जरिए वर्कफ़्लो-लेड डिज़ाइन पर फोकस कर रही है। इसका मतलब है कि AI एजेंट तैनात होने से पहले ही एंटरप्राइज सिस्टम कैसे काम करेंगे, इसे फिर से कॉन्फ़िगर किया जाएगा। कंपनी का अनुमान है कि यह डिज़ाइन-फर्स्ट अप्रोच, फालतू प्रोसेसिंग को कम करके, AI ऑपरेशन्स को पारंपरिक टोकन-आधारित तरीकों की तुलना में 10 से 20 गुना सस्ता बना सकती है।

भारत का रणनीतिक महत्व

Pegasystems की ग्लोबल रणनीति में भारत का हमेशा से अहम स्थान रहा है। कंपनी की भारत में 1,966 एम्प्लॉइज के साथ मजबूत उपस्थिति है। यह वर्कफ़ोर्स कंपनी की कुल ग्लोबल डेवलपमेंट टीम का 50% से अधिक है, जो भारत को इन नई, अधिक कुशल वर्कफ़्लो आर्किटेक्चर को बनाने और बेहतर बनाने के लिए इंजीनियरिंग और डिज़ाइन प्रयासों का मुख्य केंद्र बनाती है।

फाइनेंशियल और ऑपरेशनल परिदृश्य

एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रोवाइडर्स के लिए, आउटकम-बेस्ड प्राइसिंग की ओर यह ट्रांजिशन लागत में पारदर्शिता की बढ़ती मांग का एक रणनीतिक जवाब है। निवेशक अक्सर ऐसी प्राइसिंग परिवर्तनों पर नज़र रखते हैं कि वे लंबी अवधि के सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन को कैसे प्रभावित करते हैं। हालांकि इस मॉडल का लक्ष्य अंतिम उपयोगकर्ता के लिए लागत कम करना है, Pegasystems के लिए इस रणनीति की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह स्वस्थ प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखते हुए बड़ी संख्या में एंटरप्राइज ग्राहकों को आकर्षित कर पाती है या नहीं। प्रमुख ग्लोबल बैंकों को सेवा देने पर कंपनी का फोकस इसके ग्राहक आधार में एक स्थिरता जोड़ता है, क्योंकि ये संस्थान प्रायः प्रयोगात्मक AI उपयोग के बजाय विश्वसनीय और लागत प्रभावी वर्कफ़्लो गवर्नेंस को प्राथमिकता देते हैं।

निवेशक इस बात पर नज़र रख सकते हैं कि यह प्राइसिंग शिफ्ट कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू ग्रोथ को कैसे प्रभावित करता है और क्या यह मौजूदा ग्राहकों के बीच तेजी से एडॉप्शन को प्रोत्साहित करता है। मुख्य बात यह होगी कि कंपनी यह प्रदर्शित करने में सक्षम हो कि उसका प्लेटफॉर्म ग्राहकों के लिए सॉफ़्टवेयर की प्रभावशीलता से समझौता किए बिना, ठोस लागत बचत की ओर ले जाता है। भविष्य की तिमाही रिपोर्टें इस बात पर और स्पष्टता दे सकती हैं कि व्यवसाय रणनीति में यह बदलाव कंपनी के समग्र वित्तीय प्रदर्शन और अन्य एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले बाजार की स्थिति को कैसे प्रभावित करता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.