Paytm की पेरेंट कंपनी One97 Communications ने जून तिमाही में तगड़ी ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (Net Profit) **79%** बढ़कर **₹220 करोड़** हो गया, जबकि रेवेन्यू में **28%** की जोरदार तेजी आई और यह **₹2,448 करोड़** तक पहुंच गया। पेमेंट सर्विसेज से आय **33%** और फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन में **45%** का उछाल इस ग्रोथ का मुख्य कारण रहा।
Detailed Coverage
Paytm की कमाई में कैसे आई तेजी?
डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म Paytm की पेरेंट कंपनी One97 Communications ने 30 जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के लिए ₹220 करोड़ का कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (Consolidated Profit After Tax) दर्ज किया है। पिछले साल की इसी अवधि में ₹123 करोड़ के मुकाबले यह 79% की जोरदार बढ़ोतरी है। पिछले क्वार्टर की तुलना में भी कंपनी के मुनाफे में 20% का इजाफा देखने को मिला है।
कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹2,448 करोड़ रहा, जो पिछले साल के ₹1,918 करोड़ से 28% ज्यादा है। इस ग्रोथ का बड़ा श्रेय कंपनी के कोर पेमेंट सर्विसेज को जाता है, जिससे ₹1,384 करोड़ का रेवेन्यू आया, जो पिछले साल से 33% अधिक है। इसके अलावा, फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट में भी 45% की शानदार बढ़ोतरी हुई, जिससे टॉप लाइन में ₹814 करोड़ का योगदान मिला।
खर्चों का असर (Impact of Operating Expenses)
जहां कंपनी ने रेवेन्यू में तगड़ी ग्रोथ हासिल की, वहीं कुल खर्चों में भी इजाफा हुआ। यह ₹2,383 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹2,016 करोड़ था। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह पेमेंट प्रोसेसिंग चार्जेज रहे, जो 37% बढ़कर ₹794 करोड़ हो गए। कंपनी ने एम्प्लॉई बेनिफिट्स (Employee Benefits) और मार्केटिंग पर भी खर्च बढ़ाया, हालांकि सॉफ्टवेयर और क्लाउड से जुड़े खर्चों में कमी से कुछ राहत मिली।
निवेशकों के लिए, डिजिटल पेमेंट्स स्पेस में कॉम्पिटिशन (Competition) के बीच मार्जिन बनाए रखने की कंपनी की क्षमता एक अहम फोकस एरिया बनी हुई है। कुछ कंपनियां जहां कस्टमर बेस बढ़ाने के लिए भारी सब्सिडी पर निर्भर करती हैं, वहीं Paytm की फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन (जैसे क्रेडिट और इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स) से रेवेन्यू बढ़ाने की रणनीति प्रति यूजर वैल्यू बढ़ाने पर केंद्रित है। यह देखना होगा कि क्या हायर-वैल्यू फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स की ओर यह बदलाव आने वाले क्वार्टर्स में भी जारी रह पाता है।
कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन ग्रांट (Employee Stock Option Grant)
एक अलग कॉर्पोरेट एक्शन (Corporate Action) में, कंपनी की नॉमिनेशन और रेमुनरेशन कमेटी (Nomination and Remuneration Committee) ने 2019 स्कीम के तहत योग्य कर्मचारियों को 15 लाख से अधिक स्टॉक ऑप्शंस (Stock Options) देने को मंजूरी दी है। इन ऑप्शंस का एक्सरसाइज प्राइस ₹9 प्रति शेयर है। हालांकि इस तरह के ग्रांट टेक-फोकस्ड कंपनियों में टैलेंट बनाए रखने के लिए आम हैं, लेकिन समय के साथ ये मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए इक्विटी डाइल्यूशन (Equity Dilution) का कारण बन सकते हैं। निवेशक भविष्य की फाइनेंशियल फाइलिंग्स में इन ग्रांट्स के कंपनी के शेयर बेस पर पड़ने वाले संभावित असर पर नजर रख सकते हैं।
आगे बढ़ते हुए, कंपनी के लिए मुख्य मॉनिटर करने वाली बातें अपने डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में ग्रोथ बनाए रखना और ऑपरेटिंग खर्चों (Operating Expenses) का ट्रेंड होगा, क्योंकि यह मार्केट शेयर में निवेश जारी रखे हुए है। कंपनी के भविष्य के तिमाही नतीजे यह बताएंगे कि क्या पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज रेवेन्यू की मौजूदा तेजी प्रोसेसिंग और ऑपरेशनल लागतों की वृद्धि को लगातार पार कर पाती है या नहीं।
