NPCI ने 15 अक्टूबर, 2026 से **₹2,000** से अधिक के UPI मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर **0.4%** फीस का ऐलान कर दिया है। इस फैसले ने डिजिटल पेमेंट सेक्टर में बदलाव की नई लहर पैदा कर दी है, जिससे Paytm और Pine Labs के लिए कमाई के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
डिजिटल पेमेंट की दुनिया में बड़ा बदलाव आ गया है। NPCI ने अब उन ट्रांजेक्शन पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फैसला किया है, जो ₹2,000 के पार हैं। यह कदम सालों से चल रहे जीरो-फी मॉडल को खत्म करता है, जिससे पेमेंट कंपनियों के लिए रेवेन्यू का एक नया जरिया बन सकता है।
ब्रोकरेज की बुलिश राय
इस एलान के बाद Emkay Global, Jefferies और JM Financial जैसे ब्रोकरेज हाउस काफी उत्साहित हैं। जानकारों का मानना है कि यह बदलाव पेमेंट सेक्टर की कंपनियों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है। Emkay Global ने Paytm का टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹2,400 और Pine Labs का ₹230 कर दिया है। उम्मीद है कि इस नई फीस से फाइनेंशियल ईयर 2028 तक कंपनियों के EBITDA मार्जिन में जोरदार सुधार देखने को मिलेगा।
बाजार का रिएक्शन और जोखिम
शेयर बाजार में मिला-जुला असर दिखा। Paytm का शेयर उछलकर ₹1,856.50 के 52-वीक हाई तक पहुंच गया, जबकि Pine Labs में कुछ वोलेटिलिटी देखी गई। हालांकि, असली चुनौती रेवेन्यू शेयरिंग की है। 0.4% का पूरा हिस्सा कंपनियों की जेब में नहीं जाएगा, बल्कि इसका एक बड़ा हिस्सा बैंकों और अन्य पार्टनर्स के साथ शेयर करना पड़ेगा। इसके अलावा, छोटे व्यापारियों की तरफ से इस फीस को लेकर कैसी प्रतिक्रिया आती है, यह देखना भी महत्वपूर्ण होगा। अगर मर्चेंट इसे स्वीकार करने में आनाकानी करते हैं, तो ट्रांजेक्शन वैल्यू पर असर पड़ सकता है।
