One 97 Communications (Paytm) के शेयर **13 अगस्त 2026** को **₹1,649.50** के 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 26 में लगातार मुनाफे (Profit) में वापसी की है, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। हालांकि, कुछ रेगुलेटरी सवाल भी हैं जिन पर नजर बनी हुई है।
Paytm की शेयर में तूफानी तेजी!
डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म Paytm की पैरेंट कंपनी One 97 Communications के शेयर 13 अगस्त 2026 को ₹1,649.50 के 52-हफ्ते के उच्चतम स्तर को छू गए। कंपनी की तरफ से वित्तीय वर्ष 2026 (जो मार्च 2026 में समाप्त हुआ) के लिए मुनाफे (Profit) में वापसी की खबर ने निवेशकों के सेंटीमेंट को बूस्ट दिया है।
मुनाफे में कैसे लौटी कंपनी?
Paytm ने पूरे वित्तीय वर्ष 2026 के लिए ₹554 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल के नुकसान से एक बड़ा बदलाव है। कंपनी की यह तरक्की नए वित्तीय वर्ष में भी जारी है। जून 2026 की तिमाही के नतीजे शानदार रहे, जिसमें ₹220 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 79% ज्यादा है। बॉटम-लाइन में लगातार सुधार इस तेजी का मुख्य कारण रहा है।
ब्रोकरेज फर्म की राय
फाइनेंशियल एनालिस्ट्स का मानना है कि शेयर की यह बढ़त भविष्य की कमाई की उम्मीदों पर आधारित है। ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने Paytm के शेयर के लिए टारगेट प्राइस ₹2,200 तक बढ़ाया है। फर्म का मानना है कि आने वाले वर्षों में कंपनी UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) मर्चेंट ट्रांजैक्शन फीस, जिसे MDR (Merchant Discount Rate) भी कहा जाता है, से कमाई कर सकती है। यह नया रेवेन्यू सोर्स निवेशकों के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की उम्मीदें जगा रहा है।
रेगुलेटरी चिंताओं पर क्या है अपडेट?
सकारात्मक नतीजों के बावजूद, कुछ जोखिम भी हैं जिन पर निवेशकों की नजर है। कंपनी को हाल ही में रेगुलेटर SEBI से एक 'शो-कॉज नोटिस' मिला है। यह नोटिस दिसंबर 2023 में हुए एक लोन प्रोडक्ट एडजस्टमेंट की टाइमली डिस्क्लोजरिंग से संबंधित है। हालांकि कंपनी का कहना है कि इससे कंपनी पर कोई बड़ा फाइनेंशियल असर नहीं पड़ेगा, फिर भी रेगुलेटरी मामले निवेशकों के लिए ट्रैक करने के लिए महत्वपूर्ण हैं।
निवेशकों का बदलता समीकरण
बाजार के आंकड़े कंपनी के निवेशक आधार में बदलाव भी दिखा रहे हैं। जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) की हिस्सेदारी लगभग 48.1% हो गई है, जबकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) की हिस्सेदारी बढ़कर 24.9% हो गई है। यह दिखाता है कि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशंस कंपनी के मौजूदा डेवलपमेंट फेज में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।
निवेशकों के लिए, कंपनी की प्रॉफिट मार्जिन बनाए रखने की क्षमता और रेगुलेटरी मामले का नतीजा ट्रैक करना अहम होगा। इसके अलावा, UPI ट्रांजैक्शन फीस स्ट्रक्चर में किसी भी बदलाव का लागू होना भी कंपनी के आने वाले सालों के रेवेन्यू आउटलुक को प्रभावित करेगा।
