पेटीएम (Paytm) अब अपने इन-हाउस AI टेक्नोलॉजी को बाहरी व्यवसायों को बेचकर कमाई का एक नया जरिया बनाने जा रहा है। यह कदम कंपनी के डिजिटल पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य कारोबार से आगे बढ़कर राजस्व बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
Detailed Coverage
Paytm का AI की दुनिया में बड़ा कदम
डिजिटल पेमेंट कंपनी पेटीएम (Paytm) ने अपने बिजनेस मॉडल को और मजबूत करने के लिए एक बड़ी रणनीति अपनाई है। कंपनी अब अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं को बाहरी कंपनियों के लिए एक सॉफ्टवेयर सर्विस के तौर पर पेश करेगी। यह कदम पेटीएम के लिए डिजिटल पेमेंट और फाइनेंशियल सर्विसेज के अलावा कमाई का एक नया जरिया साबित हो सकता है।
खुद की AI टेक्नोलॉजी से बढ़ाएंगे मुनाफा
पेटीएम के CEO विजय शेखर शर्मा ने बताया कि कंपनी ने 4 अरब पैरामीटर्स वाला एक इन-हाउस AI मॉडल तैयार किया है। इस AI टेक्नोलॉजी का मुख्य उद्देश्य कंपनी के अंदरूनी कामकाज को सुचारू बनाना और खर्चों को कम करना रहा है। पेटीएम AI एजेंट्स का इस्तेमाल मर्चेंट अधिग्रहण (merchant acquisition) और सेल्स टीमों की मदद के लिए कर रहा है। ऑटोमेशन के जरिए, कंपनी क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत कम करने और कॉल सेंटर सपोर्ट पर निर्भरता घटाने की उम्मीद कर रही है।
पेमेंट के इतर कमाई का प्लान
इन इन-हाउस टूल्स को अब दूसरी कंपनियों के लिए एक सॉफ्टवेयर सर्विस के रूप में पेश करके, पेटीएम एक ऐसा रेवेन्यू स्ट्रीम बनाना चाहता है जो ट्रांजैक्शन फीस या फाइनेंशियल प्रोडक्ट की बिक्री पर निर्भर न हो। यह कदम ऑपरेशनल एफिशिएंसी (operational efficiency) को बेहतर बनाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। जून 2026 को समाप्त तिमाही में, कंपनी ने ₹220 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 79% अधिक था। यह ग्रोथ मुख्य रूप से पेमेंट, मर्चेंट सब्सक्रिप्शन और फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन सेगमेंट से आई है।
AI का इस्तेमाल क्यों?
पेटीएम का AI पर फोकस सिर्फ सर्विसेज बेचने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक डिस्ट्रीब्यूशन डिफरेंशिएटर (distribution differentiator) भी बनाना चाहता है। मैनेजमेंट का मानना है कि AI का उपयोग करके कस्टमर अधिग्रहण (customer acquisition) और सर्विस की क्वालिटी को बेहतर बनाने से कॉम्पिटिटिव फाइनेंसियल टेक्नोलॉजी सेक्टर में एक बड़ा फायदा मिलेगा। हालांकि, लागत में कमी के फायदे हाल की तिमाही परफॉरमेंस में दिख रहे हैं, लेकिन इस AI पिवट का दीर्घकालिक प्रभाव मार्केट एडॉप्शन पर निर्भर करेगा। इन्वेस्टर्स शायद नए क्लाइंट अधिग्रहण के स्केल, इस इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने की लागत, और यह ट्रैक करेंगे कि क्या ये AI प्रोडक्ट्स मुख्य बिजनेस के साथ-साथ सार्थक और लगातार आय उत्पन्न कर सकते हैं।
