PayPal ने अपने ग्लोबल रीस्ट्रक्चरिंग प्रोग्राम के तहत भारत में करीब **600** कर्मचारियों की छंटनी करने का फैसला किया है। कंपनी का मकसद सालाना **$1.5 बिलियन** की बचत करना और मार्जिन दबाव को कम करना है।
भारी खर्चों पर लगाम
कंपनी ने अपने ग्लोबल हेडकाउंट में 20% की कटौती का ऐलान किया है, जिसका असर कुल 4,760 पदों पर पड़ेगा। यह बड़ा कदम कंपनी के उस फाइनेंशियल लक्ष्य का हिस्सा है, जिसके जरिए वे हर साल $1.5 बिलियन की बचत करना चाहते हैं। भारत में होने वाली यह छंटनी यहां के कुल वर्कफोर्स का लगभग 10% है।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
साल 2026 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने $8.7 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया था, जिसमें 5% की बढ़ोतरी दिखी, लेकिन ऑपरेटिंग मार्जिन 16.4% तक गिर गया। कंपनी के नए CEO एनरिक लोरेस अब पुराने मॉडल्स को छोड़कर AI-संचालित ऑटोमेटेड सिस्टम्स पर जोर दे रहे हैं ताकि फाइनेंशियल स्थिति को सुधारा जा सके।
डील फेल होने का दबाव
हाल ही में Stripe और Advent International के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम द्वारा की गई $53 बिलियन की संभावित टेकओवर डील के फेल होने के बाद कंपनी के शेयर में 12-16% तक की गिरावट देखी गई। अब मैनेजमेंट के सामने यह साबित करने की चुनौती है कि वे बिना किसी अधिग्रहण के अकेले दम पर अपने बिजनेस को कैसे टर्नअराउंड करते हैं। साथ ही, Apple और Google जैसे प्रतिस्पर्धियों से मिल रही कड़ी टक्कर भी चिंता का विषय बनी हुई है।
