PM Modi's Big Move: 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, 'विकसित भारत' की ओर बढ़ाए कदम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
PM Modi's Big Move: 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग, 'विकसित भारत' की ओर बढ़ाए कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगले एक साल में 1 करोड़ (10 मिलियन) युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा है। इस पहल का मकसद भारत के तकनीकी कार्यबल को मजबूत करना और 'विकसित भारत' के विजन को आगे बढ़ाना है। हालांकि, यह तब हो रहा है जब भारतीय आईटी सेक्टर AI-आधारित सर्विस मॉडल की ओर बढ़ते हुए संरचनात्मक दबावों का सामना कर रहा है।

1 करोड़ युवाओं के लिए AI स्किल ट्रेनिंग का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। उन्होंने अगले 12 महीनों में 1 करोड़ (10 मिलियन) युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में विशेष ट्रेनिंग देने का ऐलान किया है। लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस के संबोधन के दौरान यह घोषणा की गई। यह पहल 'विकसित भारत' 2047 के रोडमैप को साकार करने और देश के कार्यबल को आधुनिक बनाने की सरकार की बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

कैसे मिलेगी सबको ट्रेनिंग?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के कोने-कोने तक एडवांस्ड टेक्निकल एजुकेशन पहुंचाना है, ताकि बड़े शहरों और छोटे कस्बों के बीच डिजिटल खाई को पाटा जा सके। AI में साक्षरता को बढ़ावा देकर, सरकार चाहती है कि युवा पीढ़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में नेतृत्व की भूमिका निभाए। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री ने परिवारों पर वित्तीय बोझ कम करने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की भी घोषणा की है।

IT सेक्टर के लिए क्या मायने?

बड़े पैमाने पर AI स्किल्स सिखाने की यह पहल भले ही भविष्य के लिए एक टेक-रेडी कार्यबल तैयार करे, लेकिन भारतीय IT सेक्टर पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। यह इंडस्ट्री फिलहाल बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है, जहाँ जेनरेटिव AI और ऑटोमेशन का बढ़ता चलन पारंपरिक रेवेन्यू मॉडल को चुनौती दे रहा है। कई भारतीय टेक कंपनियों को 2026 के दौरान प्रॉफिट मार्जिन और रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखने में दिक्कतें आई हैं, जिसके कारण Nifty IT सेक्टर इंडेक्स ने ब्रॉडर मार्केट इंडेक्स की तुलना में कमजोर प्रदर्शन किया है।

आगे क्या?

निवेशक और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स इस बात का आकलन करेंगे कि यह नया टैलेंट पूल लेबर मार्केट में कैसे फिट बैठता है। AI-स्किल्ड आबादी की बड़ी संख्या IT कंपनियों के लिए AI-आधारित हाई-वैल्यू सर्विसेज की ओर बढ़ने में एक बड़ा फायदा साबित हो सकती है। हालांकि, कंपनियों को इसका तत्काल लाभ ट्रेनिंग की क्वालिटी, इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार करिकुलम और मौजूदा लेबर मार्केट की नए टैलेंट को सोखने की क्षमता पर निर्भर करेगा।

कार्यक्रम की सफलता के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर एक अहम फैक्टर रहेगा। बड़े पैमाने पर AI ट्रेनिंग की असली प्रभावशीलता के लिए मजबूत डिजिटल कनेक्टिविटी, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति और डेटा प्राइवेसी को लेकर एक स्पष्ट रेगुलेटरी फ्रेमवर्क ज़रूरी होगा। इसके अलावा, पब्लिक और प्राइवेट सेक्टर दोनों की ओर से इन स्टूडेंट्स के लिए प्रैक्टिकल एप्लीकेशन के मौके उपलब्ध कराना स्किल डेवलपमेंट को असल रोजगार में बदलने के लिए महत्वपूर्ण होगा।

अगले अपडेट्स में सरकार द्वारा इस योजना को लागू करने का ढांचा, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा विकसित किया जाने वाला खास करिकुलम और इंडस्ट्री की मौजूदा जरूरतों के साथ ट्रेनिंग को अलाइन करने के लिए प्राइवेट टेक पार्टनर्स के साथ सहयोग की सीमाएं शामिल होंगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.