Meta के स्वतंत्र Oversight Board ने कंपनी को आगाह किया है कि वे अपने प्रोफेशनल फैक्ट-चेकर्स को 'Community Notes' से रिप्लेस न करें। यह कदम कंपनी के लिए रिस्क बढ़ा सकता है, जिस पर निवेशकों की पैनी नजर है।
Oversight Board की दो टूक राय
Meta ने लैटिन अमेरिका के 16 देशों में अपने 'Community Notes' प्रोग्राम का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। कंपनी इसे पारदर्शिता की दिशा में एक कदम बता रही है, लेकिन Oversight Board का मानना है कि क्राउडसोर्स्ड (Crowdsourced) इनपुट कभी भी प्रोफेशनल और सर्टिफाइड न्यूज संगठनों द्वारा की जाने वाली गहरी जांच की जगह नहीं ले सकते। बोर्ड ने साफ किया है कि भ्रामक जानकारी (Misinformation) को रोकने के लिए प्रोफेशनल फैक्ट-चेकर्स अनिवार्य हैं।
निवेशकों की चिंता और फाइनेंशियल दबाव
निवेशकों के लिए यह खबर कंपनी के 'Cost Management' के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। Meta का Q2 2026 का प्रदर्शन देखें तो कंपनी का रेवेन्यू $60.8 बिलियन रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 28% अधिक है। हालांकि, मुनाफे पर दबाव साफ दिख रहा है। ऑपरेटिंग मार्जिन पिछले साल के 43% से गिरकर 31% पर आ गया है। इस गिरावट की मुख्य वजह AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश, कानूनी खर्च और अन्य ऑपरेशनल लागत हैं।
क्यों है यह बड़ा रिस्क?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'Community Notes' का इस्तेमाल कंपनी अपनी लागत कम करने के लिए कर रही है। लेकिन, अगर फैक्ट-चेकिंग की गुणवत्ता गिरती है, तो कंपनी को वैश्विक रेगुलेटर्स की कड़ी जांच का सामना करना पड़ सकता है। रेगुलेटरी सख्ती का मतलब है—भारी जुर्माना और नए कठिन कंप्लायंस नियम। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि Meta कैसे अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचाने के लिए किए जा रहे खर्च में कटौती और प्लेटफॉर्म की सुरक्षा के बीच संतुलन बैठाती है।
