Oura vs Ultrahuman: भारतीय स्टार्टअप पर कानूनी संकट, अमेरिका में 'Ring Pro' की बिक्री पर रोक की मांग

TECHNOLOGY
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Oura vs Ultrahuman: भारतीय स्टार्टअप पर कानूनी संकट, अमेरिका में 'Ring Pro' की बिक्री पर रोक की मांग

स्मार्ट रिंग मार्केट की दिग्गज कंपनी Oura ने भारतीय स्टार्टअप Ultrahuman के खिलाफ टेक्सास की अदालत में पेटेंट उल्लंघन का मुकदमा दायर किया है। कंपनी ने अमेरिका में 'Ring Pro' की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की है।

स्मार्ट रिंग क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Oura ने भारतीय स्टार्टअप Ultrahuman के खिलाफ कानूनी जंग छेड़ दी है। टेक्सास की एक फेडरल कोर्ट में दायर शिकायत में आरोप लगाया गया है कि Ultrahuman की 'Ring Pro' डिवाइस उनके पेटेंट का उल्लंघन करती है। खास तौर पर कर्व्ड बैटरी और सेंसर कॉन्फ़िगरेशन जैसी इंटरनल हार्डवेयर तकनीक को लेकर यह विवाद खड़ा हुआ है। इनमें से एक पेटेंट नंबर 12,769,363 तो मुकदमा दायर करने के कुछ दिन पहले ही जारी हुआ था।

अमेरिका में कारोबार पर मंडराया खतरा

Oura ने कोर्ट से न केवल हर्जाने की मांग की है, बल्कि एक परमानेंट इंजेक्शन (स्थायी रोक) की भी अपील की है। अगर कोर्ट इसे मंजूर करती है, तो Ultrahuman को अमेरिका में अपनी सबसे महत्वपूर्ण डिवाइस की बिक्री बंद करनी पड़ सकती है। मुकदमे में Plano स्थित मैन्युफैक्चरर SVTronics को भी सह-प्रतिवादी (co-defendant) बनाया गया है। किसी भी स्टार्टअप के लिए मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स के साथ कानूनी विवाद न केवल सप्लाई चेन में बाधा डालता है, बल्कि मैनेजमेंट का ध्यान भी उत्पाद विकास से हटा देता है।

फंडिंग और ग्रोथ पर क्या होगा असर?

यह कानूनी चुनौती Ultrahuman के लिए ऐसे समय पर आई है जब कंपनी ने हाल ही में $70 मिलियन की फंडिंग जुटाई है और इसकी वैल्यूएशन $365 मिलियन तक पहुंच गई है। कंपनी ने हाल ही में Qualcomm के साथ साझेदारी करके अपने डिवाइस में AI प्रोसेसिंग लाने का ऐलान किया था। ऐसे में कानूनी फीस और बाजार में बैन का डर कंपनी की कैश रिजर्व और ग्रोथ योजनाओं पर भारी पड़ सकता है।

IDC के आंकड़ों के मुताबिक, स्मार्ट रिंग का ग्लोबल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और इस साल शिपमेंट 4.9 मिलियन यूनिट्स तक पहुंचने की उम्मीद है, जो कि 12.8% की ग्रोथ है। अब बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि Ultrahuman अपना बचाव कैसे करती है और क्या यह कानूनी दबाव कंपनी को अपनी अमेरिकी बिक्री रणनीति बदलने पर मजबूर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.