क्वांटम कंप्यूटिंग की दुनिया में एक बड़ी खबर आई है। स्टार्टअप Oratomic ने **$300 मिलियन** (लगभग **₹2500 करोड़**) की भारी भरकम सीरीज ए फंडिंग (Series A Funding) हासिल की है। इस पैसे का इस्तेमाल कंपनी लेजर-पोज़िशन एटम (laser-positioned atoms) का इस्तेमाल करके एक बड़े पैमाने का क्वांटम कंप्यूटर बनाने में करेगी।
क्वांटम कंप्यूटर बनाने की बड़ी तैयारी
कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) के भौतिकविदों द्वारा स्थापित Oratomic नामक इस स्टार्टअप ने $300 मिलियन की सीरीज ए फंडिंग (Series A Funding) राउंड पूरा कर लिया है। इस फंडिंग का नेतृत्व ARCH Venture Partners, Spark Capital और Khosla Ventures ने किया है, जिसमें Bezos Expeditions और Bain Capital जैसे बड़े निवेशकों का भी साथ मिला है। इस फंड का इस्तेमाल Oratomic एक ऐसे क्वांटम कंप्यूटर को विकसित करने में करेगा जो व्यावसायिक रूप से काम आ सके। इसके लिए वे एक खास आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करेंगे, जिसमें लेजर (laser) की मदद से अलग-अलग एटम (atoms) को फंसाकर सही जगह पर रखा जाएगा।
छोटे प्रोटोटाइप से सीधे बड़े लक्ष्य तक
क्वांटम स्पेस (Quantum Space) में कई कंपनियां अभी छोटे, Noisy Intermediate-Scale Quantum (NISQ) डिवाइस बनाने पर ध्यान दे रही हैं। ये छोटे प्रोटोटाइप अक्सर एरर (error) की समस्या से जूझते हैं। Oratomic ने इस बीच वाले चरण को छोड़ने का फैसला किया है और सीधे बड़े पैमाने वाले सिस्टम (utility-scale system) बनाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी का दावा है कि उनका एटम-आधारित डिज़ाइन (atomic-based design) एरर करेक्शन (error correction) को ज़्यादा प्रभावी बनाता है। इससे 10,000 से 20,000 Qubit वाला एक उपयोगी कंप्यूटर बनाया जा सकता है। बता दें कि PsiQuantum जैसी कंपनियां इससे भी कहीं ज़्यादा Qubit का लक्ष्य लेकर चल रही हैं, जिससे लगता है कि Oratomic का आर्किटेक्चर (architecture) कम हार्डवेयर में जटिल गणनाओं के लिए तैयार किया गया है।
सेक्टर में निवेशकों की बढ़ी रुचि
क्वांटम कंप्यूटिंग सेक्टर में वेंचर कैपिटल (Venture Capital) और पब्लिक मार्केट (public market) दोनों तरफ से काफी दिलचस्पी देखने को मिल रही है। निवेशक ऐसे बड़े आविष्कारों की तलाश में हैं जो क्रिप्टोग्राफी (cryptography), दवा की खोज (drug discovery) और लॉजिस्टिक्स (logistics) जैसे उद्योगों में क्रांति ला सकें। IonQ और Rigetti जैसी सार्वजनिक रूप से कारोबार करने वाली कंपनियों के शेयर की कीमतों में आई अस्थिरता भी इसी उत्साह को दर्शाती है। हालांकि, यह क्षेत्र अभी भी बड़े पैमाने पर प्रायोगिक चरण (experimental phase) में है।
तकनीकी और निष्पादन से जुड़े जोखिम
यह बड़ी फंडिंग Oratomic को काफी समय देगी, लेकिन क्वांटम डेवलपमेंट (quantum development) से जुड़ी सामान्य चुनौतियों का सामना तो करना ही पड़ेगा। इस क्षेत्र की किसी भी कंपनी के लिए सबसे बड़ा जोखिम हार्डवेयर को बढ़ाते हुए स्थिर और एरर-फ्री ऑपरेशन (error-corrected operations) बनाए रखना है। हालांकि कंपनी का कहना है कि छोटे पैमाने पर मुख्य पुर्जे (core components) सत्यापित किए जा चुके हैं, लेकिन प्रयोगशाला प्रयोगों से 20,000 Qubit की मशीन तक पहुंचना एक बहुत बड़ा इंजीनियरिंग चुनौती है। इसके अलावा, चूंकि क्वांटम कंप्यूटिंग अभी भी एक नया क्षेत्र है, इसलिए कंपनी को अच्छी फंडिंग वाली निजी स्टार्टअप्स और स्थापित टेक्नोलॉजी दिग्गजों से भी मुकाबला करना होगा, जिन्होंने ऐसे प्रोजेक्ट्स में लंबे समय से निवेश किया हुआ है।
निवेशकों को इस क्षेत्र में कंपनी की तकनीकी प्रगति पर, खासकर जैसे-जैसे Qubit की संख्या बढ़ेगी, लेजर-ट्वीजर आर्किटेक्चर (laser-tweezers architecture) की स्थिरता पर नज़र रखनी चाहिए। भविष्य में पायलट प्रोग्राम (pilot programs) या औद्योगिक भागीदारों (industrial partners) के साथ सहयोग की खबरें यह तय करने में महत्वपूर्ण होंगी कि क्या कंपनी शोध चरण (research phase) से निकलकर वास्तविक व्यावसायिक अनुप्रयोग (commercial application) की ओर बढ़ सकती है।
