Oracle के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन Larry Ellison ने उन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि AI आने वाले समय में सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (SaaS) मॉडल को खत्म कर देगा। उनका मानना है कि AI की मदद से कंपनी अब और बेहतर और इंडस्ट्री-स्पेसिफिक सॉफ्टवेयर तैयार कर सकेगी।
AI बनेगा SaaS का मददगार
बाजार में एक डर फैला हुआ था कि AI के आने से कंपनियां अपना खुद का कस्टमाइज्ड सॉफ्टवेयर बना लेंगी, जिससे बाहर से मिलने वाले सब्सक्रिप्शन मॉडल की जरूरत खत्म हो जाएगी। लेकिन Ellison का नजरिया बिल्कुल जुदा है। उनका तर्क है कि AI का इस्तेमाल करके कंपनियां ऐसे तैयार 'इंडस्ट्री-स्पेसिफिक' सॉफ्टवेयर बना सकेंगी, जिन्हें इस्तेमाल करने के लिए किसी खास ट्रेनिंग की जरूरत नहीं होगी।
नई रणनीति: जटिल सिस्टम से मिलेगी मुक्ति
फिलहाल, हेल्थकेयर, बैंकिंग और सरकारी सेक्टर की कंपनियां अलग-अलग वेंडर्स के सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने के चक्कर में काफी परेशान रहती हैं। Oracle की रणनीति अब एक ऐसे एकीकृत (Integrated) प्लेटफॉर्म को बनाने की है, जो पूरे वर्कफ्लो को एक साथ संभाल सके।
बातचीत के जरिए चलेगा सॉफ्टवेयर
Ellison ने साफ किया कि एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर का भविष्य 'कन्वर्सेशनल' (बातचीत पर आधारित) होगा। यानी यूजर को कठिन मेन्यू में उलझने के बजाय बस सिस्टम से सवाल पूछना होगा और काम पूरा हो जाएगा। फिलहाल कंपनी हेल्थकेयर सेक्टर को अपना मुख्य टेस्टिंग ग्राउंड बनाकर काम कर रही है।
निवेशकों के लिए जोखिम और अवसर
निवेशकों को यह ध्यान में रखना होगा कि यह एक बड़ा स्ट्रैटेजिक बदलाव है। यदि Oracle इसमें कामयाब रही, तो कस्टमर लॉयल्टी और प्राइसिंग पावर में 100% तक का इजाफा हो सकता है। हालांकि, इसे लागू करना चुनौती भरा है क्योंकि बाजार में SAP और Salesforce जैसी कंपनियां भी AI रेस में कड़ी टक्कर दे रही हैं। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों के नतीजों में इन AI-इंटीग्रेटेड टूल्स की अडॉप्शन दर और कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
