Oracle ने शानदार तिमाही नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **30%** बढ़कर **$19.35 बिलियन** पहुंच गया है, जिसके पीछे मुख्य कारण AI डिमांड है। हालांकि, भारी भरकम कर्ज और निवेश के दबाव पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
मुनाफे के नए रिकॉर्ड और AI की ताकत
Oracle के अगस्त 2026 में समाप्त हुए फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजे उम्मीद से कहीं बेहतर रहे हैं। कंपनी का रेवेन्यू $19.35 बिलियन दर्ज किया गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 30% ज्यादा है। प्रति शेयर कमाई (Adjusted EPS) $1.92 रही, जिसने बाजार के $1.74 के अनुमान को पीछे छोड़ दिया। नतीजों के बाद शेयर में 4% से 7% तक की तेजी देखी गई।
कंपनी की कामयाबी का मुख्य इंजन इसका AI क्लाउड बिजनेस है। Oracle ने $30 बिलियन से ज्यादा के नए AI क्लाउड कॉन्ट्रैक्ट्स हासिल किए हैं, जिससे कुल रेवेन्यू बैकलॉग (RPO) रिकॉर्ड $664 बिलियन के स्तर पर पहुंच गया है। क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सेगमेंट में 121% की जबरदस्त ग्रोथ देखी गई, जिसने $7.4 बिलियन का योगदान दिया है। यह बैकलॉग भविष्य की कमाई का एक मजबूत संकेत है।
कैश फ्लो और कर्ज का दबाव
कंपनी का रेवेन्यू तो तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसे बनाए रखने की कीमत भी भारी है। Oracle का फ्री कैश फ्लो $5.4 बिलियन निगेटिव रहा है, जिसका मुख्य कारण डेटा सेंटर्स और हार्डवेयर पर किया गया भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर है। हालांकि कंपनी कस्टमर प्री-पेमेंट्स के जरिए अपनी नकदी की जरूरतों को मैनेज कर रही है, लेकिन AI की रेस में टिके रहने के लिए यह निवेश जरूरी बना हुआ है।
कर्ज का जोखिम और मार्केट कंपटीशन
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय Oracle की बैलेंस शीट है। कंपनी पर लगभग $125 बिलियन का कर्ज है। जुलाई 2026 में S&P Global ने इसी कारण कंपनी की क्रेडिट रेटिंग को डाउनग्रेड किया था। इसके अलावा, Amazon Web Services, Microsoft Azure और Google Cloud जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के बीच Oracle का मुकाबला बेहद कड़ा है। यदि यह बैकलॉग समय पर रेवेन्यू में नहीं बदला, तो कंपनी की फाइनेंशियल सेहत पर दबाव बढ़ सकता है।
आने वाले समय के लिए Oracle ने अपने फुल-ईयर 2027 के अर्निंग्स फोरकास्ट को बढ़ाकर $8.10 प्रति शेयर कर दिया है और सालाना रेवेन्यू कम से कम $90 बिलियन रहने की उम्मीद जताई है।
