Oracle Corporation ने अपने साल 2026 के रीस्ट्रक्चरिंग बजट को **$700 मिलियन** बढ़ाकर कुल **$2.8 बिलियन** कर दिया है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च के चलते कंपनी का कैश फ्लो निगेटिव हो गया है। भारतीय निवेशक ध्यान दें, यह US वाली Oracle है, न कि भारत में लिस्टेड OFSS।
AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की दुनिया में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए Oracle Corporation बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। कंपनी ने अब अपने रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के लिए अतिरिक्त $700 मिलियन का बजट मंजूर किया है, जिससे इस मद में होने वाला कुल खर्च $2.8 बिलियन तक पहुंच गया है।
AI का दबाव और कैश फ्लो
कंपनी का पूरा फोकस OpenAI जैसे डेवलपर्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए डेटा सेंटर्स बनाने पर है। हालिया तिमाही में कंपनी का कैपिटल एक्सपेंडिचर $28.5 बिलियन तक पहुंच गया। इतने भारी निवेश के कारण कंपनी का फ्री कैश फ्लो फिलहाल निगेटिव में है, क्योंकि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर होने वाला खर्च कमाई से कहीं ज्यादा है।
छंटनी का दौर
कॉस्ट को मैनेज करने के लिए Oracle लगातार अपने वर्कफोर्स में कटौती कर रही है। पिछले एक साल में कंपनी ने लगभग 21,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। यह अतिरिक्त $700 मिलियन का बजट मुख्य रूप से एग्जिट कॉस्ट और सेवरेंस पैकेज के लिए रखा गया है, जो संकेत देता है कि आने वाले समय में और भी छंटनी हो सकती है।
OFSS निवेशकों के लिए स्पष्टीकरण
भारतीय बाजार के निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि यह खबर US-बेस्ड 'Oracle Corporation' से जुड़ी है। भारतीय शेयर बाजार में लिस्टेड 'Oracle Financial Services Software' (OFSS) एक अलग एंटिटी है। इन दोनों का बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल स्ट्रक्चर बिल्कुल अलग है, इसलिए US पैरेंट कंपनी के फैसलों का OFSS पर सीधा असर नहीं पड़ता।
चेयरमैन का फैसला
हाल ही में कंपनी के चेयरमैन Larry Ellison ने 5 करोड़ शेयर बेचने का एक ट्रेडिंग प्लान अपनाया था, लेकिन तुरंत उसे रद्द भी कर दिया। इस प्लान के तहत एक भी शेयर नहीं बेचा गया। बाजार की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि क्या कंपनी का क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस आने वाले समय में इस भारी खर्च की भरपाई कर पाएगा या नहीं।
