Oracle के हेल्थकेयर यूनिट में साल 2025 में हुए एक बड़े साइबर अटैक ने हड़कंप मचा दिया है। इस सेंधमारी में करीब **2 करोड़** लोगों का निजी और मेडिकल डेटा एक्सपोज हो गया है, जिससे कंपनी के सामने गंभीर कानूनी और ऑपरेशनल चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।
साइबर सुरक्षा को लेकर Oracle Corporation पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हालिया खुलासे में पुष्टि हुई है कि कंपनी के हेल्थकेयर डिवीजन के जरिए 2 करोड़ लोगों का सेंसिटिव पर्सनल और मेडिकल रिकॉर्ड चोरी हो गया है। यह डेटा चोरी Cerner Corporation के अधिग्रहण से जुड़े पुराने (Legacy) सर्वर्स के जरिए हुई है, जिन्हें अभी तक पूरी तरह से Oracle के सुरक्षित क्लाउड एनवायरनमेंट में माइग्रेट नहीं किया गया था।
निवेशकों के लिए क्यों है चिंता की बात?
यह मामला Oracle के लिए बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि कंपनी ने हेल्थकेयर टेक सेक्टर में अपनी पैठ बनाने के लिए $28 बिलियन का बड़ा निवेश किया था। लीक हुए डेटा में सोशल सिक्योरिटी नंबर, घर का पता, और मरीजों की प्राइवेट मेडिकल हिस्ट्री जैसी संवेदनशील जानकारियां शामिल हैं।
कानूनी और ऑपरेशनल रिस्क
इस घटना के बाद Texas Attorney General और FBI ने औपचारिक जांच शुरू कर दी है। डिजिटल एक्सटॉर्शन और मरीजों की प्राइवेसी से जुड़े नियमों के उल्लंघन के कारण कंपनी को क्लास-एक्शन लॉ-सूट और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
बिजनेस मॉडल पर दबाव
यह घटना साबित करती है कि पुरानी तकनीक को आधुनिक क्लाउड इकोसिस्टम में बदलना कितना चुनौतीपूर्ण है। यदि सुरक्षा में हुई इस चूक से हेल्थकेयर क्लाइंट्स और सरकारी विभागों का भरोसा डगमगाता है, तो कंपनी के हेल्थकेयर डिवीजन की ग्रोथ की रफ्तार सुस्त पड़ सकती है। फिलहाल, निवेशक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि कंपनी बाकी बचे लेगेसी सिस्टम्स को कितनी जल्दी सुरक्षित करती है और कानूनी दांव-पेचों को कैसे संभालती है।
