OpenAI ने भारत में अपने फ्री और 'Go' टियर्स पर विज्ञापन दिखाना शुरू कर दिया है। कंपनी अपनी कुल क्वेरीज में से करीब **20%** पर विज्ञापन दिखाएगी। यह कदम 2027 में आने वाले कंपनी के IPO से पहले रेवेन्यू बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है।
विज्ञापन का नया मॉडल
27 अगस्त 2026 से, फ्री और 'Go' टियर का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को हर 5 में से 1 क्वेरी पर विज्ञापन दिखेंगे। OpenAI ने स्पष्ट किया है कि ये विज्ञापन AI के जवाबों से अलग और साफ तौर पर लेबल किए गए होंगे, ताकि यूजर एक्सपीरियंस पर असर न पड़े। हालांकि, जो यूजर्स Plus, Pro, Business या Enterprise जैसे पेड सब्सक्रिप्शन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें पूरी तरह विज्ञापन-मुक्त अनुभव मिलता रहेगा।
कमाई का नया जरिया और IPO की तैयारी
कंपनी अपने भारी-भरकम इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च को संतुलित करने के लिए रेवेन्यू के नए स्रोत तलाश रही है। इसके लिए OpenAI ने WPP और Omnicom जैसी दिग्गज विज्ञापन कंपनियों के साथ साझेदारी की है। साथ ही, 4 सितंबर 2026 से एक 'Ads Manager' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा, जहां छोटे और बड़े बिजनेस ₹725 के न्यूनतम दैनिक बजट के साथ अपने विज्ञापन चला सकेंगे।
यह कदम कंपनी के उस बड़े लक्ष्य का हिस्सा है जिसके तहत वह 2027 में अपना IPO लाने की तैयारी कर रही है। जून 2026 में कंपनी ने SEC के पास अपना S-1 फाइल किया था, और उसका लक्ष्य $1 ट्रिलियन से अधिक का वैल्यूएशन हासिल करना है।
चुनौतियां और प्रतिस्पर्धा
भले ही यह कदम कमाई के लिहाज से बड़ा है, लेकिन इससे डेटा प्राइवेसी और यूजर्स के भरोसे को लेकर नए सवाल भी खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, Anthropic जैसे प्रतिस्पर्धी अपने 'Claude' प्लेटफॉर्म को विज्ञापन-मुक्त रखकर इसे एक बड़े अंतर के रूप में पेश कर रहे हैं। मार्केट एनालिस्ट्स की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि विज्ञापनों के आने के बाद फ्री यूजर्स का प्लेटफॉर्म के प्रति जुड़ाव कैसा रहता है।
