OpenAI का सालाना रेवेन्यू **$40 अरब** के पार निकल गया है, जो 2025 के अंत के मुकाबले दोगुना हो गया है। कंपनी अभी प्राइवेट है और इसका कोई पब्लिक स्टॉक नहीं है, लेकिन इस माइलस्टोन और हालिया सीक्रेट IPO फाइलिंग पर ग्लोबल निवेशकों की पैनी नजर है। AI सेक्टर में भारी कॉम्पिटिशन और खर्चों के बीच, OpenAI को Anthropic जैसी कंपनियों से कड़ी चुनौती मिल रही है।
OpenAI ने ऐलान किया है कि उसकी एनुअलाइज्ड रेवेन्यू रन रेट $40 अरब को पार कर गई है। यह बढ़त 2025 के अंत के मुकाबले काफी तेज है। हालांकि, OpenAI फिलहाल एक प्राइवेट कंपनी है और इसके शेयर NSE या BSE जैसे पब्लिक स्टॉक एक्सचेंजों पर ट्रेड नहीं होते, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में कंपनी के भारी प्रभाव के कारण ग्लोबल निवेशक इसके फाइनेंशियल परफॉरमेंस पर करीब से नजर रखे हुए हैं।
IPO की ओर कदम?
कंपनी का पब्लिक लिस्टिंग की ओर बढ़ना चर्चा का बड़ा विषय है। जून 2026 में, OpenAI ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) की प्रक्रिया के तहत अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पास सीक्रेट तौर पर एक ड्राफ्ट S-1 फाइलिंग सबमिट की थी। इससे पहले, इसी साल कंपनी ने $7 अरब का एम्प्लॉई शेयर बाय-बैक प्रोग्राम पूरा किया था, जिसमें कंपनी का वैल्यूएशन लगभग $852 अरब आंका गया था। ये कदम भविष्य में कैपिटल मार्केट्स तक पहुंचने की तैयारी का इशारा देते हैं, हालांकि IPO की कोई ऑफिशियल तारीख अभी तय नहीं है।
रेवेन्यू ग्रोथ के कारण
AI-पावर्ड कोडिंग टूल्स, कॉर्पोरेट सब्सक्रिप्शन और कंज्यूमर सर्विसेज की बढ़ती डिमांड इस रेवेन्यू ग्रोथ की मुख्य वजह है। इस मोमेंटम को बनाए रखने के लिए, OpenAI ने हाल ही में Dali Rajic को अपना नया चीफ रेवेन्यू ऑफिसर (CRO) नियुक्त किया है, जिसका मकसद सेल्स स्ट्रैटेजी को मजबूत करना है।
कॉम्पिटिशन और खर्च का दबाव
रेवेन्यू में यह तेज बढ़त अपने साथ बड़े बिजनेस प्रेशर भी लेकर आई है। कंपनी को कड़े कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है, खासकर Anthropic से, जिसने हाल ही में $47 अरब से ज्यादा का एनुअलाइज्ड रेवेन्यू रन रेट रिपोर्ट किया था। इस राइवलरी के चलते दोनों कंपनियों को नए फीचर्स में लगातार इन्वेस्ट करना पड़ रहा है और बिजनेस ग्राहकों को बनाए रखने के लिए प्राइजिंग को एडजस्ट करना पड़ रहा है। निवेशकों के लिए, ग्रोथ की लागत सबसे अहम फैक्टर है। एडवांस्ड AI मॉडल्स को डेवलप और मेंटेन करने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, कंप्यूटिंग पावर और टैलेंट में भारी इन्वेस्टमेंट की जरूरत होती है। खर्च का यह हाई लेवल, यानी कैपिटल एक्सपेंडिचर, प्रॉफिट मार्जिन पर लंबे समय तक दबाव डाल सकता है।
एक और चुनौती फ्री यूजर्स को पेड सब्सक्राइबर्स में बदलने की कठिनाई है, जो कंज्यूमर-फेसिंग AI प्रोडक्ट्स ऑफर करने वाली कंपनियों के लिए एक आम बाधा है। हालांकि रेवेन्यू के आंकड़े मजबूत मांग दिखा रहे हैं, इस मॉडल की अंतिम स्थिरता कंपनी की आक्रामक विस्तार को ऑपरेशनल एफिशिएंसी और प्रॉफिटेबिलिटी की जरूरत के साथ संतुलित करने की क्षमता पर निर्भर करेगी। जैसे-जैसे OpenAI एक संभावित लिस्टिंग की ओर बढ़ रहा है, निवेशक संभवतः इसके रेवेन्यू ग्रोथ, कॉस्ट मैनेजमेंट और पब्लिक डेब्यू की टाइमलाइन पर नजर रखेंगे।
