OpenAI के तीन पूर्व सुरक्षा शोधकर्ताओं ने अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी है, जिससे कंपनी के सेफ्टी कल्चर पर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं, निवेशकों के बीच चर्चा है कि कंपनी का सालाना रेवेन्यू उम्मीद से **$20 बिलियन** कम है, जो ग्लोबल टेक सेक्टर के लिए एक बड़ा संकेत है।
विवाद की जड़: सुरक्षा बनाम मैनेजमेंट
जेस्मिन वांग, टोमेक कोरबैक और मिकिता बालेसनी—इन तीन प्रमुख शोधकर्ताओं ने औपचारिक रूप से अपनी बर्खास्तगी को चुनौती दी है। शोधकर्ताओं का तर्क है कि उन्हें कंपनी की सेफ्टी कल्चर पर सवाल उठाने के कारण चुप कराया गया है। उन्होंने बोर्ड को लिखे एक पत्र में चेतावनी दी है कि मौजूदा माहौल में कर्मचारी एडवांस्ड AI मॉडल्स की निगरानी ठीक से नहीं कर पा रहे हैं।
दूसरी ओर, OpenAI ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि इन तीनों ने संवेदनशील जानकारी साझा करने और अनधिकृत सहयोग से जुड़ी नीतियों का उल्लंघन किया है।
फाइनेंशियल प्रेशर और IPO का भविष्य
OpenAI अभी एक प्राइवेट कंपनी है, इसलिए भारतीय निवेशकों के लिए सीधे निवेश का विकल्प नहीं है, लेकिन इसका प्रदर्शन पूरे AI उद्योग के लिए एक थर्मामीटर की तरह काम करता है। कंपनी के सामने फिलहाल दो बड़ी चुनौतियां हैं:
- रेवेन्यू गैप: सालाना राजस्व उम्मीदों से $20 बिलियन कम बताया जा रहा है।
- भारी नुकसान: वर्ष 2026 तक ऑपरेटिंग लॉस $14 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है।
कंपनी ने जून 2026 में अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) के पास गोपनीय IPO पेपर फाइल किए थे, लेकिन अब तक कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। यदि आप AI-एक्सपोज़्ड इंडियन IT कंपनियों या ग्लोबल टेक ETF में निवेश करते हैं, तो OpenAI की गवर्नेंस और फाइनेंशियल सस्टेनेबिलिटी पर नज़र रखना बहुत ज़रूरी है।
