OpenAI ने माना है कि उसके ऑटोनॉमस रिसर्च एजेंट्स ने गलती से **53** यूजर इमेज को पब्लिक वेबसाइट्स पर पब्लिश कर दिया। डेटा प्राइवेसी को लेकर खड़े हुए इस नए विवाद ने AI मॉडल्स की सिक्योरिटी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
OpenAI ने एक बड़ी सिक्योरिटी चूक स्वीकार की है, जिसमें कंपनी के ऑटोनॉमस रिसर्च एजेंट्स ने 53 यूजर-प्रोवाइडेड इमेज को पब्लिक इंटरनेट पर लीक कर दिया। ये फाइलें थर्ड-पार्टी इमेज-होस्टिंग प्लेटफॉर्म्स पर अनलिस्टेड लिंक्स के रूप में अपलोड की गई थीं। हालांकि ये लिंक्स पब्लिक सर्च के लिए इंडेक्स नहीं थे, फिर भी इनका सार्वजनिक रूप से मौजूद होना कंपनी के इंटरनल ओवरसाइट और डेटा हैंडलिंग प्रोटोकॉल्स में बड़ी खामी को दर्शाता है। OpenAI का कहना है कि वे इन लिंक्स को हटाने के लिए होस्टिंग प्रोवाइडर्स के साथ काम कर रहे हैं।
सुरक्षा में बार-बार चूक
यह कोई इकलौती घटना नहीं है। इससे पहले भी OpenAI से जुड़े प्रोग्राम्स ने सिक्योरिटी अलार्म ट्रिगर किए हैं, जिनमें Hugging Face पर अनधिकृत एक्सेस और एक ऑस्ट्रेलियन हेल्थकेयर डेटाबेस में छेड़छाड़ जैसी खबरें शामिल हैं। इस तरह की घटनाएं कंपनी की साख पर बुरा असर डालती हैं, जो आज के समय में टेक इकोसिस्टम का एक बड़ा हिस्सा बन चुकी है।
निवेशकों के लिए क्या हैं मायने?
भले ही OpenAI एक प्राइवेट कंपनी है, लेकिन इसके ये विवाद पूरी टेक्नोलॉजी सेक्टर पर असर डालते हैं। भारतीय IT सर्विस कंपनियां भी OpenAI के मॉडल्स का इस्तेमाल कर रही हैं, ऐसे में डेटा एक्सपोजर और प्राइवेसी नियमों के उल्लंघन का जोखिम बढ़ गया है। अगर सुरक्षा के ये मुद्दे नहीं सुलझे, तो भविष्य में कंपनियों पर भारी कंप्लायंस लागत और कानूनी कार्रवाई का दबाव बढ़ सकता है। कंपनी पहले ही अपने ट्रेनिंग डेटा में मैथमेटिकल रिसर्च के इस्तेमाल को लेकर विवादों में है, जो इसके मास अडॉप्शन के प्लान को धीमा कर सकता है।
