OpenAI Valuation: एआई की दुनिया में हलचल, $1.2 ट्रिलियन की नई वैल्यूएशन की तैयारी

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AuthorAditya Rao|Published at:
OpenAI Valuation: एआई की दुनिया में हलचल, $1.2 ट्रिलियन की नई वैल्यूएशन की तैयारी

OpenAI एक नए फंडिंग राउंड के लिए निवेशकों के साथ शुरुआती बातचीत कर रही है, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन **$1.2 ट्रिलियन** तक पहुंच सकती है। हालांकि, कंपनी अभी भी भारी ऑपरेटिंग नुकसान से जूझ रही है और CEO Sam Altman ने साफ किया है कि फिलहाल 2026 में कोई IPO नहीं आएगा।

भारी वैल्यूएशन और चुनौतियां

OpenAI एक बार फिर प्राइवेट फंडिंग राउंड के जरिए पूंजी जुटाने की कोशिश में है। मार्च 2026 में कंपनी की वैल्यूएशन $852 बिलियन थी, जो अब बढ़कर $1.2 ट्रिलियन तक जा सकती है। यह एआई सेक्टर में निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है, लेकिन आम निवेशकों के लिए यह जानना जरूरी है कि OpenAI अभी एक प्राइवेट कंपनी है। यह NSE या BSE जैसे किसी भी पब्लिक स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड नहीं है, इसलिए आम रिटेल निवेशक अभी इसके शेयरों में ट्रेड नहीं कर सकते।

कमाई और खर्च का गणित

अगस्त 2026 तक कंपनी का एनुअल रेवेन्यू रन रेट $40 बिलियन के पार पहुंच चुका है। हालांकि, इस ग्रोथ की कीमत बहुत अधिक है। साल 2025 में कंपनी ने $13.07 बिलियन के रेवेन्यू पर $20.92 बिलियन का बड़ा ऑपरेटिंग लॉस दर्ज किया था। एडवांस एआई मॉडल को ट्रेन करने के लिए भारी-भरकम कंप्यूटिंग पावर की जरूरत होती है, जिस पर कंपनी का लगातार भारी खर्च हो रहा है। जानकारों का मानना है कि कंपनी को प्रॉफिटेबल होने में कम से कम 2029 या उससे अधिक का समय लग सकता है।

कब आएगा IPO?

मार्केट में अक्सर कंपनियों के IPO को लेकर चर्चा होती है, लेकिन OpenAI के मामले में स्पष्टता आ गई है। कंपनी के CEO Sam Altman ने साफ कर दिया है कि 2026 में कोई पब्लिक लिस्टिंग नहीं होगी। कंपनी का ध्यान फिलहाल एआई सेफ्टी और रेगुलेटरी चुनौतियों को सुलझाने पर है, जिसके चलते IPO को 2027 या उसके बाद के लिए टाल दिया गया है। इस बीच, Anthropic जैसी प्रतिद्वंदी कंपनियां भी मार्केट में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ी टक्कर दे रही हैं।

निवेशकों के लिए जोखिम

जो लोग एआई सेक्टर पर नजर रखते हैं, उनके लिए सबसे बड़ा रिस्क 'वैल्यूएशन मॉडल' है। यदि रेवेन्यू बढ़ने की रफ्तार धीमी हुई या इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च उम्मीद से ज्यादा बढ़ा, तो कंपनी पर फाइनेंशियल दबाव बढ़ सकता है। साथ ही, डेटा और एआई सेफ्टी को लेकर सरकारी रेगुलेशन भी कंपनी के भविष्य और लिस्टिंग के समय पर असर डाल सकते हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.