OpenAI ने अपने AI मॉडल्स द्वारा तैयार किए गए **722** गणितीय प्रूफ्स (Mathematical Proofs) को GitHub पर सार्वजनिक किया है। यह कदम AI की दुनिया में सिर्फ टेक्स्ट जनरेशन से आगे बढ़कर जटिल और वेरिफिएबल साइंटिफिक रिसर्च की तरफ एक बड़ा बदलाव है।
गणित की दुनिया में AI का दखल
OpenAI ने अब अपना पूरा फोकस भाषा और चैटबॉट से हटाकर जटिल गणितीय खोजों की तरफ शिफ्ट कर लिया है। 6 अक्टूबर, 2026 को कंपनी ने GitHub पर 722 गणितीय पांडुलिपियों का एक पूरा रिपोजिटरी जारी किया है। इसे एक अनरिलीज़्ड इंटरनल AI मॉडल के जरिए तैयार किया गया है, जिसमें 'इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडी' के गणितज्ञों का सहयोग लिया गया है।
Lean प्रोग्रामिंग से मिलेगी प्रमाणिकता
AI की सबसे बड़ी समस्या 'हैलुसिनेशन' यानी गलत जानकारी देने की होती है, जिसे दूर करने के लिए कंपनी ने Lean प्रोग्रामिंग भाषा का सहारा लिया है। यह एक ऐसा टूल है जिससे कंप्यूटर किसी भी थ्योरम के लॉजिक को खुद चेक कर सकता है। इससे स्वतंत्र शोधकर्ता भी मशीन द्वारा तैयार किए गए इन प्रूफ्स की वैधता की जांच कर सकेंगे।
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि हर एक रिजल्ट तैयार करने में उतनी ऊर्जा खर्च हुई है, जितनी ChatGPT Pro के 3 घंटे की सोच-विचार प्रक्रिया में होती है।
निवेशकों और सेक्टर पर क्या असर?
भले ही OpenAI एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन यह कदम पूरे AI सेक्टर के लिए एक दिशा सूचक है। अगर AI गणित जैसे सटीक विषयों में महारत हासिल कर लेता है, तो इसका सीधा असर फिजिक्स, केमिस्ट्री और ड्रग डिस्कवरी जैसे क्षेत्रों पर पड़ेगा।
चुनौतियां और जोखिम
तकनीकी कामयाबी के बावजूद, यह प्रोजेक्ट विवादों से भी घिरा है। कंपनी ने खुद माना है कि कई प्रूफ्स अभी वेरिफिकेशन के अलग-अलग चरणों में हैं और इनमें गलतियों की संभावना बनी हुई है। साथ ही, एकेडमिक जगत में इस बात को लेकर बहस छिड़ गई है कि क्या मौलिक वैज्ञानिक खोजों के लिए मशीनों पर पूरी तरह निर्भर रहना सही है।
