AI इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने की होड़ में OpenAI का खर्च आसमान छू रहा है। कंपनी ने अनुमान जताया है कि 2030 तक उनका कुल कैश बर्न **$278 बिलियन** तक पहुंच सकता है, जबकि रेवेन्यू का लक्ष्य **$350 बिलियन** रखा गया है।
AI सेक्टर में अपनी बादशाहत कायम रखने के लिए OpenAI ने एक बेहद आक्रामक विस्तार नीति अपनाई है। कंपनी के इंटरनल प्रोजेक्शन के अनुसार, साल 2026 से 2030 के बीच कंपनी $278 बिलियन की नकदी खर्च करने वाली है। यह भारी-भरकम खर्च मुख्य रूप से कंप्यूटिंग पावर और एडवांस्ड AI मॉडल्स को सपोर्ट करने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए किया जा रहा है।
बड़े आंकड़े और चुनौतियां
कंपनी ने दशक के अंत तक कुल $856 बिलियन के कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) का खाका तैयार किया है। हालांकि कंपनी का खर्च बहुत ज्यादा है, लेकिन वे रेवेन्यू फ्रंट पर भी बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में हैं। कंपनी का लक्ष्य इस साल के $36 बिलियन के रेवेन्यू को 2030 तक $350 बिलियन तक ले जाना है।
फंडिंग और लिक्विडिटी का दबाव
OpenAI ने हाल ही में $122 बिलियन की फंडिंग जुटाई थी, जिससे कंपनी की वैल्यूएशन $852 बिलियन तक पहुंच गई थी। लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह कैश रिजर्व 2028 तक खत्म हो सकता है। ऐसे में कंपनी को ऑपरेशंस जारी रखने के लिए लगातार नई फंडिंग की जरूरत पड़ेगी।
IPO पर क्या है अपडेट?
बाजार में OpenAI के पब्लिक मार्केट में आने (IPO) की चर्चा जोरों पर है। कंपनी की वैल्यूएशन $1.2 ट्रिलियन तक होने की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि, कंपनी ने साफ कर दिया है कि 2026 में कोई IPO नहीं आने वाला। CEO Sam Altman का कहना है कि देरी की मुख्य वजह सुरक्षा और नैतिक मानक हैं, न कि केवल वित्तीय स्थिति। अब निवेशकों के लिए यह देखना सबसे जरूरी होगा कि कंपनी अपने इस भारी खर्च को कैसे मुनाफे में बदलती है।
