OpenAI अपनी बढ़ती AI कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए अब Google के 'Tensor Processing Units' (TPUs) का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। इस कदम का मकसद Nvidia पर अपनी निर्भरता को कम करना और हार्डवेयर सप्लाई चेन को मजबूत करना है।
Nvidia पर निर्भरता घटाने की तैयारी
लंबे समय से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री Nvidia के ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) पर बुरी तरह निर्भर रही है, जिससे चिप्स की किल्लत और सप्लाई चेन में बाधाएं पैदा हो रही थीं। Google के TPUs को अपनाकर, OpenAI एक अधिक लचीली और 'हार्डवेयर-एग्नोस्टिक' रणनीति अपना रही है, ताकि उनके मॉडल्स किसी एक सप्लायर पर निर्भर न रहें।
खुद के चिप्स पर काम जारी
OpenAI सिर्फ बाहरी सप्लायर्स पर ही निर्भर नहीं है। कंपनी Broadcom के साथ मिलकर अपने खुद के कस्टमाइज्ड AI प्रोसेसर्स विकसित कर रही है। उम्मीद है कि इन चिप्स का पहला वर्शन इस साल के अंत तक तैयार हो जाएगा। Google के TPUs का उपयोग फिलहाल एक अस्थायी समाधान के रूप में देखा जा रहा है, जो उनके अपने हार्डवेयर इकोसिस्टम के तैयार होने तक का रास्ता आसान बनाएगा।
क्या है बड़ी चिंता?
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब माइक्रोसॉफ्ट, अमेज़न और अल्फाबेट जैसी टेक दिग्गज कंपनियां इस साल AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग $600 बिलियन खर्च कर रही हैं। निवेशकों को चिंता है कि क्या इतना भारी निवेश भविष्य में मुनाफे में बदलेगा। Google ने भी स्पष्ट किया है कि TPU एग्रीमेंट्स से बड़ा रेवेन्यू 2027 तक आने की उम्मीद कम है। अब देखना यह होगा कि क्या यह नई रणनीति कंपनी की ऑपरेटिंग लागत कम करने में कितनी कारगर साबित होती है।
