OpenAI ने अपना नया $230 का Codex Micro कीबोर्ड लॉन्च किया है, जो AI कोडिंग कामों को मैनेज करने के लिए बनाया गया है। यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब Apple ने OpenAI पर अपने ट्रेड सीक्रेट्स का इस्तेमाल करके डिवाइस डेवलपमेंट का आरोप लगाया है।
AI की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाते हुए, OpenAI ने अपना नया Codex Micro कीबोर्ड लॉन्च किया है, जिसकी कीमत $230 है। यह कीबोर्ड खास तौर पर AI कोडिंग असिस्टेंट Codex के साथ काम करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। वर्क लाउडर (Work Louder) नामक कीबोर्ड निर्माता के साथ मिलकर इसे तैयार किया गया है।
AI एजेंट्स के लिए कंट्रोल हब
इस नए डिवाइस को AI एजेंट्स को मैनेज करने वाले यूजर्स के लिए एक सेंट्रल कंट्रोल हब के तौर पर पेश किया जा रहा है। इसमें खास फीचर्स शामिल हैं जैसे कि इल्यूमिनेटेड कीज (illuminated keys) जो AI एजेंट की वर्तमान स्थिति को दर्शाती हैं, प्रोग्रामेबल शॉर्टकट बटन और AI वर्कफ्लो को ट्रिगर करने के लिए एक फिजिकल जॉयस्टिक।
सबसे खास फीचर एक डायल है जो यूजर्स को AI के रीजनिंग लेवल को एडजस्ट करने की सुविधा देता है। इससे डेवलपर्स यह नियंत्रित कर सकते हैं कि AI किसी विशेष कार्य के लिए कितनी प्रोसेसिंग पावर और समय आवंटित करे। हालांकि OpenAI इसे एक फ्लैगशिप प्रोडक्ट की जगह लिमिटेड-एडिशन कोलैबोरेशन बता रहा है, लेकिन यह सॉफ्टवेयर से हटकर फिजिकल टूल्स में एकीकरण की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
कानूनी दांव-पेंच और हार्डवेयर की महत्वाकांक्षा
इस प्रोडक्ट के लॉन्च का समय महत्वपूर्ण है क्योंकि OpenAI और Apple के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। Apple ने OpenAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी ने अपने AI-इंटीग्रेटेड हार्डवेयर बनाने के लिए गोपनीय जानकारी हासिल करने की सोची-समझी रणनीति अपनाई थी। OpenAI ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि उसके डेवलपमेंट प्रोसेस स्वतंत्र हैं।
इस मामले में एक और बात यह है कि इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, OpenAI एक बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है - एक पोर्टेबल, स्क्रीनलेस स्मार्ट स्पीकर जो ChatGPT के साथ इंटरैक्ट करेगा। सूत्रों का कहना है कि इस डिवाइस में मूवेबल मैकेनिकल पार्ट्स (moving mechanical parts) भी हो सकते हैं, जो इसे स्टैंडर्ड स्मार्ट स्पीकर्स से अलग बनाता है। इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही टीम में कई पूर्व Apple कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं, जिसने दोनों टेक कंपनियों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है। चूंकि यह डिवाइस अभी डेवलपमेंट में है, इसलिए इसका फाइनल डिज़ाइन और फीचर्स बदल सकते हैं।
मार्केट ऑब्जर्वर्स और टेक्नोलॉजी इन्वेस्टर्स के लिए, सिर्फ कीबोर्ड की सफलता नहीं, बल्कि प्रोप्राइटरी हार्डवेयर की ओर यह व्यापक रणनीतिक बदलाव मुख्य आकर्षण है। निवेशक इस बात पर नज़र रखेंगे कि क्या ये हार्डवेयर पहल OpenAI के AI मॉडल को यूजर वर्कफ्लो में गहराई से एकीकृत करने में सफल होती हैं, या ट्रेड सीक्रेट के आरोपों से जुड़ी कानूनी जांच लंबी अवधि में रेगुलेटरी या ऑपरेशनल बाधाएं खड़ी करती है।
