OpenAI ने फाइनेंस सेक्टर के लिए अपना खास प्लेटफॉर्म लॉन्च कर दिया है, जो GPT-6 Astra मॉडल पर काम करता है। Morgan Stanley और Evercore जैसे दिग्गजों के साथ मिलकर बने इस टूल से अब फाइनेंसियल मॉडलिंग और डेटा का काम ऑटोमैटिक हो जाएगा। हालांकि, इस तकनीक के आने से डेटा सुरक्षा और नए एनालिस्ट्स की स्किल को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं।
बैंकिंग और फाइनेंस की दुनिया में बड़ा बदलाव
OpenAI ने 10 सितंबर, 2026 को आधिकारिक तौर पर निवेश बैंकों और इक्विटी रिसर्च फर्मों के लिए एक विशेष ChatGPT इंटरफेस पेश किया है। GPT-6 Astra मॉडल पर आधारित यह प्लेटफॉर्म जटिल फाइनेंसियल रिपोर्ट्स तैयार करने में लगने वाले घंटों के समय को मिनटों में बदल सकता है।
कैसे काम करेगा यह नया टूल?
यह प्लेटफॉर्म एक वर्कफ़्लो इंजन की तरह है, जो Daloopa, PitchBook, LSEG, Crunchbase और Quartr जैसे डेटा प्रोवाइडर्स से जानकारी जुटाकर काम को आसान बनाता है। एनालिस्ट्स अब बार-बार अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर जाने के बजाय यहीं पर P&L नार्मलाइजेशन और फाइनेंसियल मॉडलिंग जैसे काम कर पाएंगे। सबसे बड़ी बात यह है कि फर्म्स अपने खुद के Excel और PowerPoint टेम्पलेट्स भी इसमें अपलोड कर सकती हैं, जिससे रिपोर्ट्स कंपनी के स्टैंडर्ड फॉर्मेट में ही तैयार होंगी।
सुरक्षा और पार्टनरशिप पर जोर
नियमित बाजारों की सख्त जरूरतों को देखते हुए, OpenAI ने Morgan Stanley और Evercore के साथ मिलकर इसे डिजाइन किया है। इसमें SAML SSO, SCIM प्रोविजनिंग और रोल-बेस्ड एक्सेस कंट्रोल जैसे सुरक्षा फीचर्स दिए गए हैं। OpenAI ने स्पष्ट किया है कि कंपनियों का कॉन्फिडेंशियल डेटा उनके ग्लोबल मॉडल्स को ट्रेन करने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
क्या हैं नए जोखिम?
इस तकनीक की एफिशिएंसी जितनी चर्चा में है, इसके जोखिमों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक्सपर्ट्स को डर है कि इस ऑटोमेशन से जूनियर एनालिस्ट्स में 'कॉग्निटिव एट्रोफी' (Cognitive Atrophy) हो सकती है, यानी कि जो स्किल्स वे मैनुअल काम करके सीखते थे, अब वे मौके कम हो जाएंगे। इसके अलावा, सेंसिटिव फाइनेंसियल डेटा को एआई वर्कफ़्लो में संभालना बैंकों के लिए रेगुलेटरी अनुपालन (Compliance) की एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अब बाजार की नजर इस बात पर है कि बड़ी फाइनेंसियल कंपनियां इसे कितनी तेजी से अपनाती हैं।
