25 फील्ड्स मेडल विजेता गणितज्ञों ने OpenAI की रिसर्च और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (IP) हैंडलिंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कंपनी के आने वाले IPO के मद्देनजर, यह विवाद डेटा एथिक्स और रेपुटेशनल रिस्क की ओर इशारा करता है, जो निवेशकों के लिए बड़ी चिंता का विषय है।
डेटा एथिक्स पर घमासान
गणित की दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित सम्मान 'फील्ड्स मेडल' पाने वाले 25 विजेताओं ने OpenAI के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन एक्सपर्ट्स का आरोप है कि कंपनी एकेडमिक इंटीग्रिटी को ताक पर रखकर केवल अपनी स्पीड और आउटपुट पर ध्यान दे रही है। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब OpenAI अपनी बहुप्रतीक्षित IPO प्रक्रिया को गुप्त रूप से आगे बढ़ा रही है।
'एट्रीब्यूशन एब्यूज' के आरोप
विवाद की जड़ में 'एट्रीब्यूशन एब्यूज' का आरोप है। गणितज्ञों का कहना है कि कंपनी ने बिना अनुमति के उनके निजी रिसर्च और अनपब्लिश्ड काम को अपने मॉडल्स को ट्रेन करने में इस्तेमाल किया है। यहाँ तक कि 'Navier-Stokes Millennium Prize' जैसी जटिल समस्याओं के समाधान पर किए गए कंपनी के दावों पर भी एक्सपर्ट्स ने संदेह जताया है। ट्रिस्टन बकमास्टर जैसे गणितज्ञों ने भी दावा किया है कि उनके निजी काम का बिना श्रेय दिए इस्तेमाल किया गया है।
निवेशकों के लिए क्यों है यह जरूरी?
हालांकि OpenAI अभी शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है, लेकिन इसकी कार्यप्रणाली का असर पूरे AI सेक्टर पर पड़ेगा। एक टेक कंपनी के लिए उसकी IP और डेटा की शुद्धता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत होती है। यदि दुनिया के शीर्ष शोधकर्ता कंपनी से दूरी बनाते हैं, तो यह सीधे तौर पर कंपनी के भविष्य और टैलेंट एक्विजिशन पर चोट करेगा।
आर्थिक चुनौतियां और कंपटीशन
वित्तीय मोर्चे पर कंपनी पहले ही भारी दबाव में है। डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर हो रहा अरबों डॉलर का खर्च और 2028 तक के संभावित ऑपरेटिंग घाटे का अनुमान निवेशकों को डरा रहा है। इसके अलावा, Anthropic जैसे प्रतिस्पर्धियों का बढ़ता प्रभाव, जो सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर दे रहे हैं, OpenAI की बाजार में पकड़ को कमजोर कर सकता है। निवेशकों की नजर अब कंपनी की गवर्नेंस और डेटा सोर्सिंग पॉलिसी में आने वाले बदलावों पर है।
