OpenAI ने रूस से जुड़े एक 'Dark Clark' इन्फ्लुएंस ऑपरेशन को खत्म किया है। यह नेटवर्क एक फर्जी भारत-लैटिन अमेरिका थिंक टैंक का इस्तेमाल करके गलत जानकारी फैला रहा था। इसे 'Category 5' का गंभीर खतरा माना गया है।
OpenAI ने रूस समर्थित एक अत्याधुनिक नेटवर्क 'Dark Clark' की पहचान कर उसे बंद कर दिया है। यह नेटवर्क खुद को भारत और लैटिन अमेरिका के बीच व्यापार बढ़ाने वाले एक रिसर्च संस्थान के रूप में पेश कर रहा था। यह पहली बार है जब OpenAI ने किसी गलत सूचना अभियान को अपनी आंतरिक 'Breakout Scale' पर 'Category 5' का दर्जा दिया है, जो इसके बड़े प्रभाव और पहुंच को दर्शाता है।
कैसे काम करता था यह नेटवर्क?
इस अभियान का मुख्य केंद्र 'Social Research Center' नाम का एक नकली थिंक टैंक था। इसे 'Mia Clark' नामक एक फर्जी व्यक्ति के जरिए संचालित किया जा रहा था, जिसने लैटिन अमेरिका में स्थानीय कर्मचारियों को नौकरी पर रखा था। ये कर्मचारी इस बात से अनजान थे कि वे किसी सरकारी प्रोपेगेंडा नेटवर्क के लिए काम कर रहे हैं।
स्ट्रैटेजिक खतरा और AI रिस्क
'Dark Clark' सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं था। इसने डीपफेक ऑडियो क्लिप्स और फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके इक्वाडोर, बोलीविया और अर्जेंटीना जैसे देशों में कूटनीतिक तनाव पैदा करने की कोशिश की। इसका मकसद लैटिन अमेरिका में रूस समर्थक विचार फैलाना और यूक्रेन के खिलाफ पश्चिमी प्रतिबंधों की प्रभावशीलता को चुनौती देना था।
मार्केट और निवेशकों के लिए संकेत
निवेशकों के लिए यह घटना AI के बढ़ते सुरक्षा जोखिमों की ओर इशारा करती है। हालांकि, मौजूदा मार्केट की अस्थिरता का मुख्य कारण OpenAI के रेवेन्यू प्रोजेक्शन से जुड़ी रिपोर्ट्स हैं, न कि यह सुरक्षा घटना। फिर भी, भविष्य में AI कंपनियों पर सख्त रेगुलेटरी नियम और बढ़ते कंप्लायंस खर्च (Compliance Costs) एक बड़ी चुनौती हो सकते हैं।
