आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दिग्गज कंपनियां OpenAI और Anthropic अब पब्लिक लिस्टिंग की राह पर हैं। इस कदम से इन कंपनियों के लिए प्राइवेट फंडिंग का दौर खत्म होकर पब्लिक स्क्रूटनी का वक्त शुरू हो गया है, जिससे निवेशकों को उनकी कमाई और खर्चों का असली डेटा पता चलेगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। OpenAI और Anthropic जैसे बड़े नाम अब IPO लाने की तैयारी कर रहे हैं। अब तक ये कंपनियां प्राइवेट कैपिटल राउंड्स के जरिए फंड जुटा रही थीं, जहां वैल्यूएशन का आधार भविष्य की उम्मीदें थीं। लेकिन अब इन्हें पब्लिक मार्केट में उतरना होगा, जहां हर फाइनेंशियल आंकड़ा ऑडिटेड होगा और निवेशकों की कड़ी नजर में होगा।
कमाई का अंतर और स्ट्रैटेजी
दोनों कंपनियों की फाइनेंशियल रिपोर्ट में बड़ा अंतर दिख रहा है। OpenAI के 2026 फाइनेंशियल ईयर में करीब $14 बिलियन का घाटा होने की आशंका है और 2029 से पहले मुनाफे की उम्मीद नहीं है। दूसरी ओर, Anthropic ने 2026 की दूसरी तिमाही में $10.9 बिलियन से $11.5 बिलियन की रेवेन्यू और पॉजिटिव ऑपरेटिंग इनकम का दावा किया है। जब ये कंपनियां अपनी S-1 फाइलिंग जमा करेंगी, तब निवेशकों को इनके रेवेन्यू, खर्च और यूनिट कॉस्ट की असल तस्वीर पता चलेगी।
क्या है रिस्क?
हालिया उदाहरण के तौर पर देखें तो SpaceX (NASDAQ: SPCX) की लिस्टिंग $135 पर हुई थी, लेकिन पहली तिमाही के नतीजों के बाद इसमें भारी उतार-चढ़ाव दिखा। निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि कंपनियां अक्सर 'एडजस्टेड' प्रॉफिट के नाम पर बड़े खर्चों को छिपा लेती हैं। इसके अलावा, ग्लोबल मैक्रो फैक्टर्स जैसे महंगाई और ब्याज दरें भी इन IPO के रिस्पॉन्स पर असर डालेंगी। निवेशकों को अब इन कंपनियों की आधिकारिक एक्सचेंज फाइलिंग्स का इंतजार करना चाहिए ताकि AI बूम की असली सच्चाई सामने आ सके।
