OpenAI ने अपने एक पूर्व कर्मचारी पर कंपनी के गोपनीय दस्तावेज चोरी करने और उन्हें Apple की लीडरशिप के साथ साझा करने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विवाद दोनों दिग्गज कंपनियों के बीच जारी कानूनी जंग का नया और बड़ा मोड़ है।
100 से ज्यादा फाइलें चोरी करने का आरोप
मामला 14 अक्टूबर 2026 का है, जब OpenAI ने कोर्ट में नए दस्तावेज पेश किए। कंपनी का आरोप है कि एक पूर्व कर्मचारी ने एक अनरिलीज्ड प्रोडक्ट से जुड़ी 100 से ज्यादा सेंसिटिव फाइलों को चुराया। दावा है कि यह डेटा तब निकाला गया जब वह कर्मचारी कंपनी छोड़कर Apple में जाने की तैयारी कर रहा था, और वहां पहुंचकर उसने इस जानकारी का उपयोग सीनियर लीडरशिप के लिए प्रेजेंटेशन बनाने में किया।
कानूनी जंग की जड़
यह विवाद कोई एक घटना नहीं, बल्कि एक बड़ी कानूनी लड़ाई का हिस्सा है। जुलाई 2026 में Apple ने खुद OpenAI पर मुकदमा दर्ज किया था। Apple का आरोप था कि OpenAI ने जानबूझकर Apple के पूर्व कर्मचारियों को हायर करने का अभियान चलाया ताकि कंपनी के हार्डवेयर डिजाइन और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी चुराई जा सके। फिलहाल, अमेरिकी फेडरल कोर्ट में इन परस्पर आरोपों की सुनवाई चल रही है।
निवेशकों और टेक मार्केट पर क्या होगा असर?
AI सेक्टर में बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच यह कानूनी लड़ाई प्रोप्राइटरी रिसर्च की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है। OpenAI के ऑफिस में रिकॉर्डिंग डिवाइस मिलने की घटना ने सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है। निवेशकों के लिए चिंता की बात यह है कि इस तरह के केस में 'डिस्कवरी प्रोसेस' के जरिए कंपनियों को अपनी आंतरिक रणनीतियां और कम्युनिकेशन कोर्ट में सार्वजनिक करने पड़ सकते हैं। इससे न केवल रेप्युटेशनल नुकसान का खतरा है, बल्कि भारी जुर्माना और रिसर्च प्रोसेस में बदलाव की नौबत भी आ सकती है।
फिलहाल, सबकी नजरें फेडरल कोर्ट के उस फैसले पर टिकी हैं, जहां जज दोनों कंपनियों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे हैं। इस फैसले का असर आने वाले समय में टेक इंडस्ट्री में टैलेंट माइग्रेशन और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी से जुड़े नियमों पर गहरा पड़ेगा।
