OpenAI ने आरोप लगाया है कि चीन की दो बड़ी कंपनियां DeepSeek और Moonshot AI ने उनके मॉडल का इस्तेमाल अपने AI सिस्टम को ट्रेन करने के लिए किया है। इसे 'मॉडल डिस्टिलेशन' कहा जा रहा है, जिससे निवेशकों के लिए डेटा सुरक्षा और रेगुलेटरी रिस्क बढ़ सकते हैं।
AI की दुनिया में इस समय जबरदस्त हलचल है। OpenAI ने आरोप लगाया है कि DeepSeek और Moonshot AI ने उनके GPT-6 Astra के आउटपुट का गलत इस्तेमाल कर अपने AI मॉडल तैयार किए हैं। इस प्रक्रिया को 'मॉडल डिस्टिलेशन' कहा जाता है, जहाँ एक छोटा और कम लागत वाला AI मॉडल किसी बड़े और एडवांस्ड मॉडल की नकल करके तेजी से विकसित होता है।
क्या है पूरा मामला?
आसान भाषा में कहें तो, यह किसी स्टूडेंट द्वारा किसी एक्सपर्ट का होमवर्क कॉपी करने जैसा है। रिपोर्ट के अनुसार, Moonshot AI और DeepSeek ने इसी तरीके का फायदा उठाकर अपने सिस्टम, जैसे Moonshot Kimi K3.1 Pro और DeepSeek V4.1-Flash 1017 की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाया है। OpenAI का दावा है कि जुलाई में Moonshot AI से जुड़े लोगों ने डेटा जुटाने का एक अभियान चलाया था, जिसने इस विवाद को जन्म दिया।
कंपनियों के बीच बढ़ता तनाव
Google, Anthropic और OpenAI जैसी बड़ी कंपनियां रिसर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बिलियन डॉलर्स खर्च करती हैं। उनका तर्क है कि डेटा की इस तरह की 'हार्वेस्टिंग' उनके कॉम्पिटिटिव एडवांटेज को खत्म कर रही है। जवाब में, Anthropic जैसी कंपनियों ने अपनी सुरक्षा कड़ी कर दी है और 99% तक डिस्टिलेशन प्रयासों को रोकने वाली सिक्योरिटी लेयर्स लागू की हैं।
निवेशकों के लिए चेतावनी
निवेशकों को इस घटना को बारीकी से देखना चाहिए। US और चीन के बीच चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच, यह मामला भविष्य में डेटा एक्सेस और प्लेटफॉर्म सिक्योरिटी पर कड़े सरकारी नियमों को न्योता दे सकता है। अगर नियम सख्त होते हैं, तो AI कंपनियों का खर्च बढ़ सकता है और इनोवेशन की रफ्तार भी धीमी पड़ सकती है।
