OnePlus की कीमतों में एक बार फिर उछाल, घटती मार्केट शेयर से जूझ रही कंपनी

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AuthorAditya Rao|Published at:
OnePlus की कीमतों में एक बार फिर उछाल, घटती मार्केट शेयर से जूझ रही कंपनी

OnePlus ने पिछले नौ महीनों में पांचवीं बार अपने स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ा दी हैं, जिससे कुल पोर्टफोलियो की लागत **26%** तक बढ़ गई है। कीमतों में वृद्धि और फिजिकल रिटेल स्टोर्स में कटौती जैसे कदम ऐसे समय में उठाए गए हैं जब कंपनी भारत के प्रतिस्पर्धी स्मार्टफोन बाजार में अपनी मार्केट शेयर खो रही है।

लागत बढ़ने से कीमतें बढ़ीं

OnePlus ने पिछले नौ महीनों में पांचवीं बार अपने स्मार्टफोन्स की कीमतें बढ़ाई हैं। इस बार की बढ़ोतरी के साथ, कंपनी के सभी मॉडलों की कुल लागत 26% तक बढ़ गई है। अलग-अलग मॉडलों में ₹2,000 से लेकर ₹4,000 तक की ये मूल्य वृद्धि, मेमोरी चिप्स और अन्य कच्चे माल की बढ़ती लागतों का नतीजा है, जो वैश्विक सप्लाई चेन की दिक्कतों से प्रभावित हैं। Nord सीरीज के फोन भी इस बढ़ोतरी से अछूते नहीं रहे।

ऑनलाइन-फर्स्ट रणनीति की ओर झुकाव

कीमतें बढ़ाने के अलावा, कंपनी भारत में अपनी बिजनेस स्ट्रेटेजी में भी बड़ा बदलाव कर रही है। OnePlus अपने फिजिकल रिटेल स्टोर्स को, खासकर उत्तरी और पूर्वी भारत में, काफी कम कर रही है। कंपनी ने कथित तौर पर कई छोटे इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर्स को डिवाइस सप्लाई करना बंद कर दिया है। अब वे अपना फोकस डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर ऑनलाइन मॉडल और दक्षिणी भारत में कुछ चुनिंदा बड़े रिटेल चेन्स पर कर रहे हैं। इस फैसले से रिटेलर्स में नाराजगी है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने सरकार से शिकायत भी की है कि अचानक हजारों फिजिकल स्टोर्स से हटने से स्थानीय रिटेल इकोसिस्टम को नुकसान हो रहा है।

मार्केट शेयर में गिरावट और कॉम्पिटिशन

कंपनी भारत के स्मार्टफोन बाजार में एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है। इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट (₹30,000 से ऊपर के डिवाइस) में OnePlus की मार्केट शेयर 2023 में 16% थी, जो 2026 की पहली छमाही तक घटकर सिर्फ 5% रह गई है। यह गिरावट बताती है कि ग्राहक Samsung, Vivo और Xiaomi जैसे प्रतिस्पर्धियों की ओर जा रहे हैं, जो आक्रामक कीमतें और व्यापक उपलब्धता प्रदान कर रहे हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि प्रीमियम पहचान को वापस पाने की कोशिश के बावजूद, बजट और मिड-रेंज सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा करने की कोशिश ने ब्रांड की स्थिति को कमजोर किया है और मार्केट शेयर के नुकसान में योगदान दिया है।

कॉरपोरेट स्ट्रक्चर और निवेशक

यह जानना महत्वपूर्ण है कि OnePlus NSE या BSE पर लिस्टेड कंपनी नहीं है। यह Oppo के एक सब-ब्रांड के तौर पर काम करती है, जो BBK Electronics ग्रुप का हिस्सा है। चूंकि यह एक अलग से लिस्टेड इकाई नहीं है, इसलिए निवेशक सीधे तौर पर इसके स्टॉक को ट्रैक नहीं कर सकते। हालांकि, ये डेवलपमेंट भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर पड़ रहे दबावों को दर्शाते हैं, जिनमें हाई कंपटीशन, कंपोनेंट की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ऑनलाइन बनाम ऑफलाइन सेल्स स्ट्रेटेजी का नाजुक संतुलन शामिल है।

स्मार्टफोन सप्लाई चेन और प्रतिस्पर्धी कंपनियों में निवेशक इस बात पर नजर रखेंगे कि क्या ये मूल्य वृद्धि प्रॉफिट मार्जिन को स्थिर करने में सफल होती है या इससे मार्केट शेयर का और अधिक नुकसान होता है। आने वाले महीनों में कंपनी की ऑनलाइन-फर्स्ट स्ट्रेटेजी को सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता, बाकी रिटेल पार्टनर्स को अलग-थलग किए बिना और अधिक किफायती ब्रांडों के हाथों ग्राहकों को खोए बिना, एक महत्वपूर्ण फैक्टर होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.