One Point One Solutions के मुनाफे में **73%** की छलांग, रेवेन्यू दोगुना हुआ

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
One Point One Solutions के मुनाफे में **73%** की छलांग, रेवेन्यू दोगुना हुआ

One Point One Solutions ने जून तिमाही में **73%** का शानदार मुनाफा दर्ज किया है, जो **₹16.31 करोड़** रहा। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू **129%** बढ़कर **₹158.32 करोड़** हो गया। AI सर्विसेज में ग्रोथ और इंटरनेशनल एक्सपेंशन इस दमदार परफॉरमेंस की वजह हैं। इसके साथ ही कंपनी ने शेयर बायबैक का भी ऐलान किया है।

दमदार नतीजों से नए फाइनेंशियल ईयर की शुरुआत

One Point One Solutions ने नए फाइनेंशियल ईयर की शानदार शुरुआत की है। जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के नतीजे बताते हैं कि कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल की समान अवधि के 9.44 करोड़ रुपये की तुलना में 73% बढ़कर ₹16.31 करोड़ पर पहुंच गया। वहीं, कंपनी के रेवेन्यू में 129% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई और यह ₹158.32 करोड़ रहा।

AI ग्रोथ और ग्लोबल एक्सपेंशन का कमाल

कंपनी की इस शानदार परफॉर्मेंस के पीछे AI-फोक्स्ड टेक्नोलॉजी और ग्लोबल एक्सपेंशन का बड़ा हाथ है। 'ResolX' नाम का AI-एजेंट प्लेटफॉर्म कंपनी को पारंपरिक सपोर्ट के बजाय हाई-मार्जिन ऑटोमेटेड सॉल्यूशंस की ओर बढ़ने में मदद कर रहा है। इससे कंपनी अब रिजल्ट-लिंक्ड सर्विसेज दे पा रही है, जिसका मतलब है कि उन्हें डिलीवर किए गए नतीजों के आधार पर पेमेंट मिलेगा। वहीं, लैटिन अमेरिका में एक्वायर की गई कंपनी Netcom के इंटीग्रेशन ने कंपनी के स्केल को काफी बढ़ाया है, जिससे नए इंटरनेशनल मार्केट्स में पैठ बनाने में मदद मिली है।

शेयर बायबैक का ऐलान

शानदार तिमाही नतीजों के बाद, कंपनी के बोर्ड ने शेयर बायबैक प्लान को भी मंजूरी दे दी है। कंपनी अपनी पेड-अप इक्विटी कैपिटल का लगभग 1.24%, यानी करीब 13.9 लाख शेयर वापस खरीदने का इरादा रखती है। ऐसे कदम अक्सर निवेशकों के लिए मैनेजमेंट के आत्मविश्वास और कंपनी की कैश फ्लो पोजीशन को दर्शाते हैं।

आगे की राह और जोखिम

हालांकि, यह ग्रोथ नंबर्स बहुत अच्छे हैं, लेकिन निवेशकों को कुछ बातों पर ध्यान देना होगा। कंपनी के ग्लोबल फुटप्रिंट और नए एक्विजिशन के इंटीग्रेशन के साथ, एम्प्लॉई कॉस्ट कंपनी का सबसे बड़ा खर्च बनी हुई है। प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखने के लिए कंपनी को इन बढ़ते ह्यूमन कैपिटल कॉस्ट से तेज रफ्तार से रेवेन्यू बढ़ाना होगा।

इसके अलावा, कंपनी के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा इंटरनेशनल क्लाइंट्स से आता है, ऐसे में यह करेंसी फ्लक्चुएशंस और जियोपॉलिटिकल बदलावों के प्रति संवेदनशील है। इंटरनेशनल एंटिटीज के इंटीग्रेशन में भी सावधानी बरतनी होगी ताकि ऑपरेशनल देरी से बचा जा सके। कंपनी ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू को दोगुना करने का आक्रामक लक्ष्य रखा है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी ग्रोथ टारगेट को पूरा करने के लिए टेक्नोलॉजी और टैलेंट में भारी निवेश करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को बनाए रख पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.